वेतन विसंगति सहित कई मांगों को लेकर शुक्रवार को बैंक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस वजह से वाराणसी में स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अन्य बैंकों में ताला लटका रहा। इस दौरान जहां करीब दस हजार चेकों का निस्तारण नहीं हो सका, वहीं करीब 400 करोड़ का लेन-देन भी प्रभावित हुआ।
ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन के आह्वान पर हुई हड़ताल की वजह से बैंकों के ताले नहीं खुले। यहां खातों में जमा-निकासी, चेक से भुगतान सहित अन्य कामकाज के लिए गए खाताधारकों को निराश लौटना पड़ा। उधर, सिगरा शहीद उद्यान से बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों ने मलदहिया चौराहे तक पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कंफेडरेशन के संगठन मंत्री अभिषेक श्रीवास्तव और वाराणसी शाखा के सचिव आरसी मौर्य ने बताया कि अगर सरकार ने जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि इस दौरान करीब 400 करोड़ का लेन-देन प्रभावित रहा। बैंकों के करेंसी चेस्ट भी बंद रहने की वजह से एटीएम में कैश भी नहीं दिया जा सका।
पांच दिन में बस एक दिन खुलेगा बैंक
शुक्रवार को हड़ताल की वजह से जहां बैंक बंद रहे, वहीं यह समस्या अभी चार दिन और बनी रहेगी। 22 दिसंबर को महीने का चौथा शनिवार, 23 को रविवार का अवकाश रहेगा। 24 दिसंबर को बैंक खुलेगा और अगले दिन 25 दिसंबर को क्रिसमस का अवकाश रहेगा। अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि 26 दिसंबर को फिर हड़ताल रहेगा। शुक्रवार की देर शाम शहर के अधिकतर एटीएम में कैश कमी रही।
हड़ताल से आजमगढ़ में 30 करोड़ की क्लीयरिंग व 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा जबकि बलिया में 75 करोड़, मऊ में 50 करोड़, सोनभद्र में 90, जौनपुर में 300, भदोही में 20, मिर्जापुर में 75 और चंदौली जिले में 250 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा।