नई बस्ती, पांडेयपुर के मेहताब खान ने लालपुर पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस को बताया कि https://tafcop.sancharsaathi.gov.in/telecomUser/ पर अपना आधार नंबर डालकर मोबाइल नंबरों के बारे में पता किया। पता लगा कि उनके इस्तेमाल किए जा रहे दो सिम के अतिरिक्त एक अन्य सिम भी चल रहा है। जिसकी जानकारी उन्हें नहीं थी।
डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए साइबर सेल प्रभारी मनोज कुमार तिवारी के नेतृत्व में दरोगा अजय कुमार पांडेय व कांस्टेबल विराट सिंह और लालपुर पांडेयपुर थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह की संयुक्त टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने त्रि-स्तरीय कार्रवाई की। फर्जी सिम व म्यूल बैंक खाते खुलवाने वाले एजेंट, एक बैंक कर्मी और एक सिम बेचने वाले पीओएस एजेंट को चिह्नित कर गिरफ्तार किया गया। पीओएस एजेंट का लाइसेंस रद्द करने के लिए और बैंक को कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सूचना भेजी गई है।
कम पढ़े-लिखे लोगों को बनाते थे निशाना
डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने बताया कि तीनों आरोपी कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाते थे। ऐसे लोग सिम लेने या पोर्ट कराने जाते थे तो नेटवर्क की समस्या बताकर डबल केवाईसी करा ली जाती है। साथ ही उनके नाम से एक फर्जी सिम बना लिया जाता था।
झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवाए जाते हैं। उसके बाद उन्हीं लोगों की आईडी पर सिम व बैंक खाते खुलवाए जाते थे। म्यूल बैंक खातों और सिम को दिल्ली, नोएडा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के साइबर अपराधियों को कूरियर या बस के माध्यम से भेज दिया जाता था।