पुलिस ने जांच की तो विशाल की हत्या में उसके दोस्तों की संलिप्तता नहीं मिली। इंस्पेक्टर लंका महेश पांडेय ने बताया कि तफ्तीश के दौरान सर्विलांस की मदद से कुछ बाहरी लोगों के मोबाइल नंबर की लोकेशन 14 अगस्त की रात विशाल के घर मिली। मोबाइल नंबर की मदद से प्रयागराज और झांसी निवासी खानाबदोश बंजारों तक पहुंचा गया और उनसे पूछताछ की गई तो वारदात की गुत्थी सुलझ गई।
आरोपियों की शिनाख्त प्रयागराज के घूरपुर थाना के सिमरा कल्पना गांव के दादा राम और झांसी के रक्शा थाना के पलीन्दा गांव के गोपी के तौर पर हुई है। गिरफ्तार पांचों महिलाएं भी झांसी की रहने वाली हैं। सातों आरोपियों के पास से वारदात के दौरान इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल और 2900 रुपये बरामद हुए हैं। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर लंका महेश पांडेय, दरोगा सूरज तिवारी व संध्या सिंह और हेड कांस्टेबल अमित राय आदि शामिल रहे।
घूमकर करते हैं रेकी, जगह बदलते रहने के कारण हुई दिक्कत
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह कॉलोनियों में घूमकर सामान बेचने के दौरान ऐसे मकानों को चिह्नित करते हैं, जिनमें ताला लटका हो। फिर रात में भी तस्दीक की जाती है कि मकान खुला है या बंद है। इसके बाद देर रात लूटपाट की जाती है। इंद्रा नगर में विशाल की हत्या और लूटपाट करने से पहले बंजारे बजरडीहा निवासी रिश्तेदार के घर में आकर रुके थे।
घटना के बाद वापस उसी घर गए और फिर वहां से भाग निकले। जिन चार लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया था उनको मोबाइल से विशाल के घर की लोकेशन बताई गई थी। इंस्पेक्टर लंका ने बताया कि आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के अलग-अलग जिलों में लगातार दबिश देती रहीं। खानाबदोश बंजारे अपनी लोकेशन बदल रहे थे, इस वजह से उनकी धरपकड़ में पुलिस को खासी परेशानी हुई।