बांद्रा-गाजीपुर एक्सप्रेस ट्रेन की घटना, पथराव कर शीशा भी तोड़ा
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बांद्रा से गाजीपुर जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन मंगलवार को जब जंघई रेलवे स्टेशन पहुंची तो मनबढ़ों ने स्लीपर कोच में घुसकर पांच यात्रियों की पिटाई कर घायल कर दिया। ट्रेन जब स्टेशन से खुली तो बोगी पर पथराव भी किया। यात्रियों के हंगामा करने पर एक घंटे तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही।
मामले में जीआरपी ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया। ट्रेन के एस थ्री कोच में कुछ लोग सफर कर रहे थे। ट्रेन आगरा पहुंची तो एक परिवार की छह साल की बच्ची चाहत एक यात्री के बैग पर बैठ गई। इसी बात को लेकर मारपीट हो गई।
इलाहाबाद पहुंचने पर चाहत के परिवार के लोग उतर गए। जबकि साथ में सफर कर रहे उनके रिश्तेदार सुनीता शर्मा और मोहन शर्मा को मड़ियाहूं स्टेशन पर उतरना था। जबकि मारपीट करने वालों को जंघई में उतरना था और उनका टिकट वेटिंग था।
उन लोगों ने जंघई में घर वालों को मारपीट की सूचना दे दी थी। सुबह दस बजे ट्रेन जंघई पहुंची तो 10-12 लोग डंडा और लाठी लेकर पहुंच गए और बोगी में घुसकर मनबढ़ों ने यात्रियों की पिटाई कर दी। चीख पुकार होती रही लेकिन कोई बचाने नहीं आया। सुरक्षा बल के जवानों का भी पता नहीं था।
इतने में ट्रेन रवाना हो गई तो मनबढ़ नीचे उतरे और बोगी पर पथराव कर दिया। इससे कोच का शीशा टूट गया। पिटाई से जफराबाद के रसनही गांव के अरविंद यादव (35), उनकी पत्नी सरोजा यादव (30), उनकी साली जफराबाद के फरीदाबाद गांव की ऊषा यादव (35), मडिय़ाहूं स्टेशन उतरने वाले मोहन शर्मा (28), उनकी पत्नी सुनीता शर्मा (25) घायल हो गई।
हंगामे के बीच मड़ियाहूं की रामकली (70) बेहोश हो गई। यात्रियों के हंगामा करने पर आरपीएफ, जीआरपी पहुंची तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। घटना के बाद ट्रेन एक घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही।