यहां दूध की गुणवत्ता बरकरार रहती है। मातलदेई में अभी एक ही दुग्ध अवशीतन केंद्र है। यहां किसानों का दूध एकत्र किया जाता है। इसे जल्द ही बढ़ाकर चार करने की योजना है। नए चिलिंग सेंटर बनारस सहित जौनपुर, मिर्जापुर जिलों में स्थापित किए जाएंगे।
कार्यालय मे संपर्क कर जुड़ सकते हैं नए किसान
जिले में करीब 128 दूध उत्पादक समितियों के पांच हजार किसान काशी डेयरी से जुड़कर डेयरी को 45 से 63 रुपये प्रतिलीटर तक दूध बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। यूपी प्रभारी ने बताया कि नए किसान जो प्रतिदिन एक लीटर से 300 लीटर तक दूध का उत्पादन नियमित करते हैं तो काशी डेयरी से जुड़कर व्यवसाय कर सकते हैं। इसके लिए कोई भी किसान काशी डेयरी के गौरा क्षेत्र के काशीपुर स्थित कार्यालय में सुबह नौ बजे से 12 बजे के बीच संपर्क कर सकता हैं।
दूध के उत्पादन के लिए दूग्ध उत्पादक समिति से जुडे़ किसानों को काशी डेयरी की ओर से पशु आहार भी दिया जा है। इसका मूल्य बाजार भाव से काफी कम है। तीन फैट वाले गाय के दूध को 30 रुपये और 15 से 16 फैट वाले दूध के लिए किसानों को 63 रुपये प्रति लीटर दिया जाता है।