बानारसी साड़ी की जीआई रजिस्ट्री का लोगो दिखाते हुए
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बांग्लादेश द्वारा बनाई जा रहीं नकली बनारसी साड़ी के विरोध में बनारस के साड़ी निर्माताओं और उद्योग विभाग के अधिकारियों ने विरोध दर्ज कराया। बनारस की साड़ी को जीआई रजिस्ट्रार की ओर से बौद्धिक संपदा अधिकार मिला हुआ है, इसके बाद भी बांग्लादेश इसका उल्लंघन कर रहा है।
सोमवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि बांग्लादेश के एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में 8 फरवरी को छपी फाइनेंशियल एक्सप्रेस के समाचार से जानकारी मिली कि बांग्लादेश के रंगपुर के विभिन्न गांव में बनारसी साड़ी का निर्माण हो रहा है।
यही नहीं बांग्लादेश अपने इंटरनेशनल फेयर में भी इस साड़ी को बनारसी साड़ी के स्टॉल लगाकर उसे बेंच रहा है। जबकि बनारसी साड़ी को बौद्धिक संपदा का अधिकार प्राप्त है।
इसका निर्माण बनारसी साड़ी के नाम से सिर्फ 5 जनपदों बनारस, मिर्जापुर, चंदौली, आजमगढ़ और भदोही में ही किया जा सकता है। अगर कोई इस उत्पाद को बनाता है तो यह नियमों का उल्लंघन है। देश में ऐसे उल्लंघन करने पर छह माह की सजा वह दो लाख रुपये तक का जुर्माना है।
उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त उमेश सिंह, डॉ. रजनीकांत आदि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय कार्यालय, सुरेश प्रभु और कपड़ा मंत्री स्मृति इरानी और जीआई रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की।