फिल्म नहीं इल्म के लिए बना हूं
कई बार फिल्मों में काम करने से इन्कार करने के सवाल पर उन्होंने कहा, मैं इल्म के लिए बना हूं, फिल्म के लिए नहीं। फिल्म ने बिजनेस कितने करोड़ का किया है, इसकी ही बातें होती हैं तो अब इसमें आर्ट क्यों ढूंढ रहे हो। अजीज उतना ही रखो कि दिल बहल जाए, इतना भी नहीं गला ही लील जाए।
पोस्ट ट्रूथ जमाने में सच के पीछे लगाना होता है जोर
शीन काफ निजाम ने कहा, हमारा जमाना पोस्ट ट्रूथ हो गया है, हर बार अपनी बात कहने के बाद जोर देकर कहना पड़ता है कि हां, मैं सच बोल रहा हूं। जिन रिश्तों में सबूत देने होते हैं मेरी नजर में वो रिश्ते बेहद कमजोर हैं। मैं आलिम तो नहीं हूं लेकिन आलिमो को देखा है, मैं अपनी आंखों का इसलिए शुक्रिया अदा करता हूं कि मैंने इल्म वालों को देखा है।