मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) से कहा कि वह प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और जम्मू में दो नए क्षेत्रीय केंद्र खोलने की योजना को फिलहाल रोक दे।
देश में ऐतिहासिक शोध के लिए धन मुहैया कराने वाली संस्था आईसीएचआर ने वाराणसी की महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के साथ एक मसौदे पर हस्ताक्षर किया है। इसके तहत यूनिवर्सिटी परिसर में यह क्षेत्रीय केंद्र खोला जाना है।
इसके लिए परिषद अगले तीन साल तक एक हजार रुपये प्रतिमाह किराया यूनिवर्सिटी को देगी। परिषद के गुवाहाटी और बेंगलुरू में पहले से ही क्षेत्रीय केंद्र मौजूद हैं। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय ने इस आधार पर विरोध किया है कि ऐसी किसी भी योजना को पहले सरकार के साथ चर्चा करनी चाहिए जिसका वित्तीय प्रभाव पड़े।
उसने परिष्ाद को पत्र लिखा है कि अगले आदेश तक इस योजन को रोक दे। सरकार ने ऐसे समय पर आपत्ति जताई है जब नीति आयोग ने आईसीएचआर और भारतीय दार्शनिक शोध परिषद को भारतीय सामाजिक विज्ञान शोध परिषद के साथ मर्ज करने का सुझाव दिया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्रालय मर्जर के सुझाव से सहमत नहीं है।