मऊ। पंचायत चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को अव्यवस्था और मतपत्रों में गड़बड़ियों के चलते कई स्थानों पर मतदान प्रभावित रहा। कहीं प्रत्याशियों की संख्या से कम चुनावचिह्न वाले मतपत्र पहुंचे थे तो कहीं कम मतपत्र पहुंचने के कारण मतदान प्रभावित रहा। इसको लेकर कुछ मतदान केंद्रों पर लोगों हो हल्ला किया।
मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के बारा ग्राम पंचायत के बूथ संख्या 212 पर ग्राम पंचायत सदस्य के लिए कुल 278 मतपत्रों की जगह मात्र 80 मतपत्र भेजे गए थे। शिकायत पर 12 बजे और मतपत्र भेजे गए। सुरहुरपुर स्थित बूथ संख्या 59 पर क्षेत्र पंचायत सदस्य के 5 प्रत्याशी हैं लेकिन 4 चुनाव चिन्ह वाले मतपत्र दिए गए थे। इसको लेकर हंगामा हुआ। बाद में पांच चुनाव चिह्न वाले मत पत्र भेजे गए। शमशाबाद गांव स्थित कन्या पाठशाला के बूथ संख्या 183 और बूथ संख्या 184 में चुनाव लड़ रहे क्षेत्र पंचायत सदस्य के मत पत्रों को बदल दिया गया था। यहां पांच चुनाव चिह्न की जगह तीन चुनाव चिह्न वाले मत पत्र दिए गए थे। जबकि तीन चुनाव चिह्न वाले मतपत्र के स्थान पर पांच चुनाव चिह्न वाले मतपत्र भेज दिए गए थे। प्रत्याशियों ने विरोध करते हुए कुछ देर के लिए मतदान बंद करा दिया।
भोपतपुर गांव स्थित बूथ संख्या 215 पर जिला पंचायत सदस्य के लिए 10 चुनाव चिह्न वाले मतपत्र में 100 मतपत्र 9 चुनाव चिह्न का था। चुनाव शुरू होने के बाद पीठासीन अधिकारी ने एक गड्डी के 100 मतपत्रों में केवल 9 चुनाव चिह्न की शिकायत की गई। बाद में वहां 10 चुनाव चिह्न वाले मत पत्र भेजे गए।
दुुबारी : प्राथमिक विद्यालय और कन्या जूनियर विद्यालय दुबारी में वार्ड नंबर 8 और 9 में मतपत्र के अभाव में मतदान बाधित रही।
घोसी : बड़राव ब्लाक के मखदुमपुर गांव में बूथ संख्या 241 में जिला पंचायत क्षेत्र गोधना के जिला पंचायत सदस्य के 25 प्रत्याशियों की जगह मात्र 14 ही प्रत्याशियों के चुनाव चिन्ह वाले वैलेट पेपर भेजे गए थे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश पाण्डेय ने विरोध जताया तब जाकर 25 प्रत्याशियों का वैलेट पेपर मंगा कर नये सिरे से मतदान शुरू कराया गया। वहीं इसी क्षेत्र के धरौली में भी यही हाल रहा। इन दोनों जगहों पर गलत चुनाव चिह्नों वाले मतपत्रों का पता चलने पर कुछ देर बाद नये सिरे से मतदान की प्रक्रिया की गयी।
फतेहपुर मंडाव : प्राथमिक विद्यालय नेमडांड़ में बूथ संख्या 30, 31, 32 पर क्षेत्र पंचायत चुनाव प्रत्याशी का चुनाव चिह्न बदल गया। इससे मतदान साढे़ तीन घंटे तक बाधित रहा। मतदाताओं ने विरोध जताया। थानाध्यक्ष ने लोगों को शांत कराया। मतपत्र की व्यवस्था होने के बाद साढ़े तीन घंटे विलंब से मतदान शुरू हुआ। बूथ पर बीडीसी प्रत्याशी वंदना चौबे का चुनाव चिह्न बदल गया था। पता चलने पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई। संशोधित मतपत्र आने में विलंब से प्रत्याशी और उनके समर्थक नाराज हो गए और मतदान बंद करने की मांग की। सूचना पहुंचे थानाध्यक्ष राजकेशर सिंह आश्वासन दिया कि जब तक सभी 436 मतदाताओं का वोट पोल नहीं हो जाएगा तब तक मतदान चलेगा। तब लोग शांत हुए। संशोधित मतपत्र की व्यवस्था करके साढ़े तीन घंटे देरी से साढ़े दस बजे से मतदान शुरू हो सका। इस बारे में सेक्टर मजिस्ट्रेट अतुल पांडेय का कहना था कि उस चुनाव निशान वाला मतपत्र भूलवश बदल गया था।
आपस में भिड़े प्रत्याशी
मऊ। करहां गॉव में फर्जी वोटिंग को लेकर ग्राम प्रधान के दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गए जिससे कुछ देर तक अफरातफरी मची रही और मतदान प्रभावित रहा। कोपागंज : सहरोज में क्षेत्र पंचायत सदस्य के मतपत्र को लेकर वार्ड नं 7 ,8 में मतदाताओं में भ्रम होने से मतदान कर्मियों से कहासुनी हो गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर जेपी यादव ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर भ्रम दूर करते हुए मामले को शांत कराया।