फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बलिया: पत्रकार रतन की हत्या मामले में प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल, कहा-पत्रकारों को सुरक्षा देने में सरकार का रवैया निंदनीय

Wed, 26 Aug 2020 02:22 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

बलिया जिले में इलेक्ट्रानिक चैनल के पत्रकार रतन सिंह की हत्या में मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वांचल प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से बीते 3 महीने में पत्रकारों की हुई हत्या की घटनाओं का जिक्र किया है। 

विज्ञापन


उन्होंने ट्वीट किया " 19 जून- श्री शुभम त्रिपाठी की हत्या, 20 जुलाई-श्री विक्रम जोशी की हत्या, 24 अगस्त- श्री रतन सिंह की हत्या, बलिया। पिछले 3 महीनों में 3 पत्रकारों की हत्या। 11 पत्रकारों पर खबर लिखने के चलते FIR। यूपी सरकार का पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतन्त्रता को लेकर ये रवैया निंदनीय है। "




 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा। - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, पत्रकार रतन सिंह सोमवार को पूरे दिन जिला मुख्यालय बलिया में रहने के बाद शाम को अपने गांव चले गए। शाम को गांव में ही किसी के यहां बैठने के बाद पैदल ही वापस घर जा रहे थे। तभी घर कुछ लोगों ने उनपर फायर झोंक दिया। ग्रामीणों के अनुसार जान बचाने के लिए रतन ग्राम प्रधान में घर में घुस गए लेकिन हमलावरों ने पीछा नहीं छोड़ा और एक-एक कर तीन गोलियां दाग दी। इससे रतन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

घटना से गुस्साए ग्रामीणों और पत्रकारों ने मंगलवार को शव को सड़क पर रखकर तीन घंटे तक जाम लगाया। प्रशासन ने पांच लाख की फौरी सहायता और पत्नी को संविदा पर नौकरी देने की घोषणा की है। सीएम की ओर से भी दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। मृतक के पिता विनोद कुमार सिंह की तहरीर पर प्रधान प्रतिनिधि समेत 10 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। छह को गिरफ्तार कर लिया गया है। फेफना थानाध्यक्ष को निलंबित किया जा चुका है।

 
विज्ञापन

पत्रकार रतन सिंह के पिता विनोद सिंह। - फोटो : अमर उजाला
मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि मेरे पुत्र रतन सिंह को साजिश के तहत मेरे गांव के ही सोनू सिंह पुत्र स्व. विश्वनाथ सिंह घर से बुलाकर ले गए जहां मेरे बेटे को लाठी-डंडा से पीटा गया। इसके बाद तमंचा और रिवाल्वर से सिर में गोली मार दी गई। इस घटना को मेरे भाई मनोज सिंह और कौशल कुमार सिंह ने देखा है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें