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बलिया : अमेरिका में अपनों की सलामती की कर रहे दुआ, रोज करते हैं वीडियो कांफ्रेंसिंग

Thu, 23 Apr 2020 09:48 PM IST
विचित्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
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अमेरिका में कोरोना की स्थिति पर चर्चा करते पंकज मिश्रा के परिवारिजन। - फोटो : अमर उजाला।
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अमेरिका में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख बलिया जिले के बेरूआरबारी क्षेत्र के दो परिवारों के लोग बेहद चिंतित हैं। इन परिवारों के कई लोग अमेरिका में नौकरी करते हैं। परिजन वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अपने का हर रोज हालचाल लेते हैं और परिवार के सदस्यों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।

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बेरुआरबारी गांव निवासी काशीनाथ मिश्रा के बड़े पुत्र पंकज मिश्रा अमेरिका में एप्पल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वे अपनी पत्नी छवि मिश्रा, 11 वर्षीय पुत्री अक्षिता मिश्रा और 7 वर्षीय पुत्र अक्षज मिश्रा के साथ अमेरिका के कैलिफोर्निया शहर में लंबे समय से रह रहे हैं। लेकिन जब से कोरोना  ने वहां तबाही मचाई है तब से उनकी  माता सुशीला देवी व बड़ी बहन नीता चौबे, धनजी, राकेश, सुरेश आदि खासे परेशान हैं।

मां सुशीला देवी ने बताया कि सात समंदर पार मेरे पुत्र, पुत्रवधू व नात-नातिन किस हाल में है, यह सोचकर मन बेचैन हो जाता है। भांजे विवेक चौबे ने बताया कि मामा-मामी व बच्चों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रतिदिन बात हो जाती है फिर भी मन को संतोष नहीं मिलता है।

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अपने परिवार के साथ बैठे पद्मश्री प्रोफेसर जगदीश शुक्ला। - फोटो : अमर उजाला।
वहीं बेरुआरबारी ब्लाक मुख्यालय से सटे ग्राम सभा मिड्ढा के महेंद्र प्रताप शुक्ला के परिवार के 14 लोग अमेरिका में हैं। महेंद्र प्रताप शुक्ल के छोटे भाई पदमश्री प्रोफेसर जगदीश शुक्ला चार्ज मेशन यूनिवर्सिटी में मौसम वैज्ञानिक हैं, जिनको भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है।

उनकी पत्नी एन शुक्ला, भाई कन्हैया शुक्ला, भयोह  मंजू शुक्ला, माधवी शुक्ला, श्रुति शुक्ला, इंजीनियर अरविंद शुक्ला, लता शुक्ला, अनिशा शुक्ला, अनविका शुक्ला, प्रोफेसर रवि शुक्ला चार्ज मेशन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। भूमिका शुक्ला, आदित्य शुक्ला, तान्या शुक्ला, अमेरिका के मैरीलैंड, न्यू जर्सी और वर्जीनिया में रह रहे हैं।

अभी कुछ महीने पहले ही प्रो. जगदीश शुक्ला अपने पैतृक गांव मिड्ढा आए थे। लेकिन कोरोना ने उनके परिजनों के माथे जो चिंता की लकीरें खींची है, वह उनके चेहरे पर साफ झलक रही है। घरवाले बताते हैं कि वैसे तो अक्सर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात हो जाती है, लेकिन अमेरिका की भयावह स्थिति को देखते हुए चिंता बनी हुई है। 
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