बलिया में पन्ना लाल की पिटाई के आरोप में रसड़ा में बृहस्पतिवार को सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव कर एएसपी समेत नौ पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया था। अस्थायी पुलिस चौकी में तोड़फोड़ करने के साथ एसडीएम की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त कर दी थी। पुलिस के अनुसार, जिला अस्पताल में मेडिकल कराने पर डॉक्टरों ने बताया कि पन्ना के शरीर पर खरोच तक नहीं आई है।
डीआईजी ने बताया कि ग्राम पंचायत के चुनाव में राजनीतिक लाभ उठाने के लिए पन्ना लाल की पीठ पर प्याज और हल्दी का लेप लगाकर उसे बेहोश बताकर सुनियोजित तरीके से यह घटना की गई। लोगों ने आरोप लगाया था कि रसड़ा दक्षिणी पुलिस चौकी के प्रभारी धर्मेंद्र कुमार और दीवान राजबली यादव ने पन्ना राजभर को पुलिस चौकी ले जाकर बेरहमी से पीटा और जब उसकी हालत बिगड़ गई तो अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए। लोगों ने पन्ना राजभर को ठेले पर रखकर जाम लगा दिया। तभी पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया। इस दौरान एक एसआई पन्ना को बचाने में चोटिल भी हो गया। बाद में पता लगा कि पन्ना ठेले से गायब है तो उसकी तलाश की गई। पुलिस के अनुसार, जिला अस्पताल में दो बार पन्ना का मेडिकल कराया गया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि उसके शरीर पर खरोच तक नहीं आई है।
डीआईजी आजमगढ़ सुभाष चंद्र दुबे बृहस्पतिवार देर रात रसड़ा कोतवाली पहुंचे और मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जाम के दौरान जब पथराव शुरू हुआ तो मरणासन्न और बेहोश बताया जा रहा पन्ना लाल ठेले से गायब हो गया था। खोजबीन की गई तो पन्ना लाल पड़ोसी के घर मिला। उस समय वह स्वयं सीढ़ी से उतरा तथा बगैर किसी के सहयोग के बाइक पर बैठा। इसके बाद पुलिस ने पन्ना का दो बार मेडिकल कराया। लेकिन उसके शरीर पर खरोच तक के निशान नहीं मिले। डीआईजी ने बताया कि ग्राम पंचायत के चुनाव में राजनीतिक लाभ उठाने और नेतागिरी चमकाने के लिए पन्ना लाल की पीठ पर प्याज और हल्दी का लेप लगाकर उसे बेहोश बता दिया गया और सुनियोजित तरीके से घटना अंजाम दी गई।