बलिया के रसड़ा के कोटवारी मोड़ पर जाम के दौरान पुलिस टीम पर पथराव के मामले में पुलिस ने उप निरीक्षक प्रमोद कुमार की तहरीर पर 46 लोगों पर नामजद व 50 से 60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। वहीं पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में ले लिया है। जबकि अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। घटना के बाद बृहस्पतिवार की देर रात डीआईजी सुभाष चंद्र दूबे रसड़ा कोतवाली पहुंचे और मामले में पूछताछ की। उन्होंने मामले को राजनैतिक करार दिया है। कहा कि बवाल के लिए दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर के वार्ड नंबर एक धोबही मोहल्ला में दो पट्टीदारों में विवाद था। एक पक्ष के शिकायत पर पन्ना राजभर को बुधवार शाम पुलिस चौकी पर पकड़ कर लाई। आरोप था कि चौकी में उसकी जमकर पिटाई की गई। हालत बिगड़ गई तो पुलिस ने उसे रसड़ा सीएचसी पहुंचा दिया। इस बीच बृहस्पतिवार को सुबह परिजनों को पिटाई की जानकारी हुई तो वे सीएचसी पहुंचे। वहां डॉक्टर ने तत्काल पन्ना को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी, लेकिन वे लोग जिला अस्पताल न जाकर दिन में करीब 11 बजे पन्ना को ठेले पर लादकर और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रसड़ा-बलिया मार्ग स्थित कोटवारी मोड़ पर पहुंचे और सड़क पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम रसड़ा मोती लाल यादव, सीओ रसड़ा केपी सिंह, प्रभारी कोतवाल रसड़ा मौके के पहुंच लाख समझाने प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग करते रहे। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसी बीच गंभीर मरीज को लेकर एम्बुलेंस पहुंची। जिसे निकलने के लिए अधिकारियों ने जामकर्ताओं से आग्रह किया, लेकिन वे उनकी एक न सुनें। जाम को खोलवाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया था। जवाब में अराजकतत्वों ने पुलिस पर जमकर पत्थर बरसाते हुए खदेड़ने लगे। इस बीच अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अपने हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचे और जैसे ही गाड़ी से नीचे उतरा उन्हें भी अराजकतत्वों ने ईंट-पत्थर फेंकते हुए दौड़ा लिया। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक समेत 10 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच चुकी थी। कार्रवाई करते हुए रात में ही करीब 15 लोगों को हिरासत में ले लिया था।