आरपीएफ प्रभारी के अनुसार सभी रेलवे ई-टिकट आईआरसीटीसी द्वारा जारी आईडी की आड़ में बनाए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान आईआरसीटीसी के दिल्ली एंटी फ्रॉड सेल से मेल व फोन के माध्यम से मदद ली गई। बताया जाता है कि यह धंधा जिले के कई हिस्से में चल रहा है जो आरपीएफ के रडार पर हैं।
इनके द्वारा प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के माध्यम से रेलवे तत्काल टिकट को टाइम से कुछ सेकेंड पहले ही कंफर्म टिकट निकाल लिया जा रहा है। इसके बाद मोटे रकम पर बेचने का धंधा किया जा रहा है। इसके चलते आम आदमी को त्योहारों में कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है।