बताया कि रक्षाबंधन पर भाई को राखी नहीं बांध पाने का मलाल उनकी मां को था। हादसे की खबर के बाद से दीक्षा गहरे सदमे में हैं, लेकिन उन्हें अब भी विश्वास है कि मां और भाई सुरक्षित होंगे और जल्द मिल जाएंगे।
हादसे के दौरान पन्नालाल चाय पीकर टहलने के लिए दुकान से बाहर निकले थे। निकलने से पहले उन्होंने अपने बेटे राहुल के हाथ से चाय पी थी। इसी वजह से वह सैलाब की चपेट में आने से बच गए। जल प्रलय में पन्नालाल और अशोक कुमार का मकान व दुकान भी बह गया। अशोक कुमार के परिवार के लोगों ने किसी तरह पहाड़ पर पहुंचकर अपनी जान बचाई।
पन्नालाल तीन भाइयों में थे। सबसे बड़े भाई हीरालाल चौरसिया रसड़ा में ही रहते हैं। नेपाल में हुए इस हादसे की खबर के बाद रसड़ा स्थित परिवार और रिश्तेदारों में मातम पसरा है। परिजन लगातार नेपाल में लापता मां-बेटे की तलाश और उनके सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।