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बलिया: नेपाल के जल प्रलय में मां-बेटा लापता, 26 अगस्त को आया था आखिरी काॅल; परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

Fri, 28 Aug 2026 07:18 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

नेपाल में आई जल प्रलय के दौरान बलिया के रसड़ा निवासी मां-बेटा लापता हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मचा है। दोनों की तलाश को लेकर परिवार लगातार जानकारी जुटा रहा है। मां-बेटे के नहीं मिलने से घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक और चिंता का माहौल है।
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जगदरा और राहुल की तस्वीर, घर में लगा ताला। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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नेपाल में आई भीषण जल प्रलय के बीच रसड़ा नगर के पुरानी मस्जिद निवासी मां-बेटा लापता हो गए हैं। शुक्रवार देर शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। घर में कोहराम मचा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हालांकि, परिजनों को अब भी उम्मीद है कि दोनों सकुशल मिल जाएंगे।

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पुरानी मस्जिद निवासी पन्नालाल चौरसिया करीब 40 वर्ष पूर्व अपने छोटे भाई अशोक कुमार चौरसिया के साथ नेपाल चले गए थे। दोनों भाई नेपाल के नुआकोटा जनपद के त्रिशूली बाजार में रहकर कारोबार करते थे। पन्नालाल वहां कपड़े का थोक और फुटकर कारोबार करते थे और बड़े कपड़ा व्यवसायियों में उनकी गिनती होती थी। पन्नालाल की कोई संतान नहीं थी। करीब 15 वर्ष पूर्व उन्होंने नेपाल में ही एक बेटे राहुल को गोद लिया था।

पन्नालाल की पत्नी जगदरा उर्फ उषा (54) और उनका बेटा राहुल (18) त्रिशूली बाजार स्थित दुकान में थे। पन्नालाल के छोटे भाई अशोक कुमार की पुत्री दीक्षा रसड़ा में कॉस्मेटिक की दुकान चलाती हैं। दीक्षा ने बताया कि 26 अगस्त की सुबह करीब पौने नौ बजे उनकी मां और भाई से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के कुछ ही मिनट बाद सूचना मिली कि सैलाब में मां उषा और भाई राहुल लापता हो गए हैं।

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बताया कि रक्षाबंधन पर भाई को राखी नहीं बांध पाने का मलाल उनकी मां को था। हादसे की खबर के बाद से दीक्षा गहरे सदमे में हैं, लेकिन उन्हें अब भी विश्वास है कि मां और भाई सुरक्षित होंगे और जल्द मिल जाएंगे।

हादसे के दौरान पन्नालाल चाय पीकर टहलने के लिए दुकान से बाहर निकले थे। निकलने से पहले उन्होंने अपने बेटे राहुल के हाथ से चाय पी थी। इसी वजह से वह सैलाब की चपेट में आने से बच गए। जल प्रलय में पन्नालाल और अशोक कुमार का मकान व दुकान भी बह गया। अशोक कुमार के परिवार के लोगों ने किसी तरह पहाड़ पर पहुंचकर अपनी जान बचाई।

पन्नालाल तीन भाइयों में थे। सबसे बड़े भाई हीरालाल चौरसिया रसड़ा में ही रहते हैं। नेपाल में हुए इस हादसे की खबर के बाद रसड़ा स्थित परिवार और रिश्तेदारों में मातम पसरा है। परिजन लगातार नेपाल में लापता मां-बेटे की तलाश और उनके सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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