खुरहट में अधूरा पड़ा मऊ-आजमगढ़ सड़क निर्माण कार्य।
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मऊ। दो बार समय बढ़ने के साथ लागत संशोधित होने के बाद भी बलिया-लखनऊ हाईवे पर काम पूरा नहीं हो सका। हालांकि सत्ता परिवर्तन के बाद योगी सरकार ने तय समय सीमा के अंदर कार्य को पूरा करने का आदेश जारी किया था, ताकि इस सड़क को नेशनल हाईवे घोषित किया जा सके। सड़क का कार्य पूरा करने की अंतिम तिथि जनवरी 2021 निर्धारित थी, लेकिन अभी भी कार्य पूरा न होने पर विभाग ने निर्माण की समय सीमा मार्च 2021 कर दी है।
सपा शासन काल में वर्ष 2016 में लखनऊ बलिया हाइवे के चौड़ीकरण करने का अनुबंध किया गया था। अनुबंध के हिसाब से मऊ जिले में 243.88 करोड़ की लागत से 31.5 किमी लंबे इस सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2018 में पूरा होना था, लेकिन वर्ष 2017 में सत्ता परिवर्तन होने के बाद बजट के अभाव में काम ठप हो गया। दोबारा बजट मिलने पर काम शुरू तो हुआ लेकिन इस दौरान जीएसटी के साथ अन्य दुश्वारियां होने से बजट को संशोधित करना पड़ा। नए अनुबंध में सड़क की लागत 286.89 करोड़ हो गई। साथ ही काम पूरा करने का समय जनवरी 2021 कर दिया गया। इस क्रम में शासन से अब तक सड़क निर्माण के नाम पर 230 करोड़ रुपया जारी किया जा चुका है। इसमें 228 करोड़ रुपया खर्च हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य समय सीमा बीतने के बाद भी पूरा नहीं हुआ। विभाग ने फिर दिक्कत को देखते हुए अवधि बढ़ाकर मार्च 2021 कर दी है।
अभी कहां-कहां काम है बाकी
इस सड़क का काम खुरहट पुलिया के पास, मुहम्मदबाद गोहना रोडवेज में सब्जी मंडी से लेकर कोतवाली तक बाकी है। वहीं मतलूपुर मोड़, भटकुआं पट्टी, नोमानी इंटर कालेज के पास, दक्षिण टोला थाने के निकट, मिर्जा हादीपुरा चौराहे के पास, आजमगढ़ मोड़ से लेकर गाजीपुर तिराहे तक काम अधूरा है। इसके अलावा लगभग 20 किमी से ज्यादा डिवाइडर बनाने का कार्य अधूरा है।
कार्य अभी थोड़ा बचा हुआ है। करीब 15 किमी का कार्य बचा हुआ है। 31.5 किमी में बोल्डर डालने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। 27.5 किमी सड़क पर एक कोट की पिचिंग हो चुकी है, वहीं 12.5 किमी की लंबाई में दूसरे कोट की पिच बिछानी है। धन के अभाव से पूर्व में भी काम रुका था, वर्तमान में भी यही समस्या बनी हुई है। फिलहाल संशोधित समयावधि में कार्य पूरा हो जाएगा।
- हरिबंश सिंह, सहायक अभियंता