यूपी के बलिया में गुरुवार की देर रात वन विभाग के कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाकर बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह एवं उनके समर्थकों ने जमकर पीटा। इसके चलते वन दारोगा का बायां पैर फ्रैक्चर हो गया। वन दारोगा ने बताया कि बलिया से जिप्सी से आये वनकर्मियों व जिप्सी के ड्राइवर अनिल कुमार सिंह से भी विधायक समर्थकों ने पीटा।
लोगों ने वन दरोगा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित दारोगा ने कहा कि थाने में केस दर्ज नहीं होगा तो वह कोर्ट की शरण में जाएगा। वहीं, विधायक ने आरोप निराधार बताये। उन्होंने वन दारोगा और कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग को लेकर वन विभाग कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया है।
विधायक ने चेतावनी दी कि वन दरोगा पर कार्रवाई नहीं हुई तो शनिवार से अनशन शुरू कर दिया जाएगा। पीड़ित वन दारोगा संतोष कुमार ने बताया कि वह अपने विभाग के चालक रघुपति राम के साथ चिरैया मोड़ के पास रात के करीब नौ बजे बैठे थे। तभी बैरिया विधायक अपने समर्थकों के साथ पहुंचे, जहां चालक से विधायक ने नाम पूछा और फिर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए बदसलूकी की।
इसके बाद समर्थकों ने मारपीट की। मैंने विरोध किया तो विधायक ने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए मेरे साथ भी बदसलूकी की और समर्थकों व कार्यकर्ताओं के साथ पीटा। उधर, जिला मुख्यालय से जिप्सी से ड्यूटी पर आ रहे वनकर्मियों व चालक अनिल कुमार सिंह भी वहां पहुंचे तो विधायक समर्थकों ने उन्हें भी पीट कर वापस लौटा दिया।
संतोष ने बताया कि समर्थकों ने थाने पर तहरीर देने जाते समय भी रोका। जिसके बाद साथियों ने देर रात जिला अस्पताल पहुंचाया। वन दारोगा ने आरोप लगाया कि विधायक के संरक्षण में ही क्षेत्र में लाल बालू का खेल चलता है। उनके ही समर्थक व कार्यकर्ता बिहार से लाल बालू लाने का काम करते है।
दूसरी तरफ वन विभाग कार्यालय के प्रांगण में बैरिया विधायक के धरने पर बैठने की सूचना मिलने पर तहसीलदार शशिकांत मणि व सीओ उमेश कुमार यादव मौके पर पहुंचे औकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन विधायक नहीं माने। उनका धरना समाचार लिखे जाने तक जारी रहा।