वाराणसी में सात करोड़ की सोना तस्करी के मामले में अदालत ने आरोपी महिला मधु देवी वर्मा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रज्ञा सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और विवेचना जारी है।
आदेश में कहा गया कि आर्थिक अपराध राष्ट्र की वित्तीय सुरक्षा से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में राष्ट्रहित को व्यक्तिगत स्वतंत्रता से ऊपर वरीयता दी जानी चाहिए। इसी आधार पर अदालत ने मधु देवी वर्मा की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मधु देवी वर्मा को दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर ब्रह्मपुत्र मेल से हिरासत में लिया गया था। तलाशी में 7 करोड़ का सोना बरामद हुआ था। सोने के संबंध में मां काली गोल्ड स्मिथ और बीके गोल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बिल मिले थे। सोना दिल्ली ले जाया जा रहा था।
आरोपी की ओर से कहा गया कि वह अपने नियोक्ता फर्म के लिए वैध तरीके से सोने की डिलीवरी लेकर जा रही थी। उसके पास जीएसटी बिल समेत सभी जरूरी दस्तावेज थे। आरोप लगाया गया कि अधिकारियों ने उसके वैध दस्तावेज फाड़ दिए और उसे गलत तरीके से तस्करी के मामले में फंसा दिया।
आरोपी महिला ने यह भी कहा कि वह कभी बांग्लादेश नहीं गई। अदालत ने मामले की गंभीरता और विवेचना जारी होने को देख जमानत का पर्याप्त आधार नहीं पाया।