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Crime News: बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में तोड़फोड़ और हंगामे के छह आरोपियों को जमानत, ये है पूरा मामला

Tue, 13 Aug 2024 03:10 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

अभियोजन पक्ष के अनुसार, सुरक्षा पर्यवेक्षक शिवशंकर सिंह यादव ने लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।  आरोप है कि 27 अप्रैल 2023 को वह ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह के आर्थो अनुभाग में रूटीन चेकिंग में थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में कर्मियों से मारपीट, तोड़फोड़ और हंगामा करने के मामले में छह आरोपी छात्रों को कोर्ट से राहत मिल गई। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट द्वितीय) अनुभव द्विवेदी की अदालत ने तरवां, आजमगढ़ निवासी अनिल यादव, फेफना, बलिया के शशांक यादव, चंदवक, जौनपुर के अमित मौर्या, धानापुर, चंदौली के रंजीत यादव, धीना, चंदौली के अजीत यादव और बाकराबाद, जौनपुर के हिमांशु यादव को 50-50 हजार रुपये की दो जमानत और बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। 

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अभियोजन पक्ष के अनुसार, सुरक्षा पर्यवेक्षक शिवशंकर सिंह यादव ने लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।  आरोप है कि 27 अप्रैल 2023 को वह ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह के आर्थो अनुभाग में रूटीन चेकिंग में थे। 

कक्ष संख्या 6 और 7 में मरीजों को तीन लोग अन्य जगह से एक्सरे व एमआरआई कराने और दवाई के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे। उनसे पूछताछ की गई तो वे लोग उग्र हो गए और कहा कि हम लोग बीएचयू के छात्र हैं। 
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इस पर उन तीनों को पकड़ कर नगवां पुलिस चौकी को सौंप दिया गया। इसके बाद तीनों व्यक्तियों और अन्य द्वारा उकसाने पर 10 से 15 और शरारती और अवांछनीय तत्व शोर-शराबा, गालीगलौज और नारेबाजी करते हुए ट्रॉमा सेंटर के अंदर आ गए। उनमें से कुछ के अजीत यादव, शशांक यादव, अनिल यादव, हिमांशु और रंजीत यादव रहे।  

500 डायजेपाम पाउडर रखने के दोषी को पांच साल की सजा
विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) डॉ. दीनानाथ की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले के अभियुक्त को दंडित किया है। अदालत ने नईबस्ती, पांडेयपुर निवासी आरोपी श्याम सुंदर चौहान उर्फ कल्लू को पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह की और सजा भुगतनी होगी। 

प्रकरण के मुताबिक, 29 नवंबर 2014 को बैंक ऑफ बड़ौदा, पांडेयपुर से आरोपी श्याम सुंदर चौहान उर्फ कल्लू को पुलिस बल ने पकड़ा था। तलाशी में जेब से 500 ग्राम डायजेपाम पाउडर बरामद हुआ था। पाउडर रखने के संबंध में अभियुक्त के पास से किसी किस्म का अधिकार पत्र बरामद नहीं हुआ था।  
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पुलिस पर जानलेवा हमले का आरोपी बरी

अपर सत्र न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने चारपहिया वाहन से छह पेटी अवैध अंग्रेजी शराब की बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा हमले और अलग-अलग नंबर प्लेट लगाने के आरोप को सही नहीं पाया। नतीजतन, रमेश पटेल ऊर्फ बबलू को बरी कर दिया गया। आरोपी को रोहनिया थाने की पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर हरियाणा से तस्करी कर ले आई जा रही अवैध शराब के साथ छह दिसंबर 2018 की शाम घमहापुर के पास से गिरफ्तार किया था।  

सीटेट में परीक्षार्थी की जगह बैठी महिला की जमानत अर्जी खारिज
वाराणसी। भगवानपुर के एक स्कूल में परीक्षार्थी के स्थान पर 50 हजार रुपये लेकर सीटेट देने की आरोपी पूर्वी चंपारण की अर्चना पांडेय की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी रीमा यादव के स्थान पर परीक्षा देने सात जुलाई को पहुंची थी। बायोमेट्रिक जांच के बाद मामला पकड़ में आया तब उसने रीमा से अच्छे संबंध होने की बात स्वीकारी थी। अदालत ने कहा कि अपराध आजीवन कारावास से दंडनीय है। अपराध समाज व शिक्षा व्यवस्था के लिए अत्यंत घातक है। परीक्षार्थियों में विद्वेष पैदा करने वाला है। ऐसे में जमानत अर्जी खारिज की जाती है।  

रिश्वत लेते पकड़े गए बिजली कर्मी की जमानत अर्जी खारिज
10 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में विद्युत विभाग के बाबू बृजेश की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) सपना शुक्ला की अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी ने लोकसेवक रहते हुए लोकनीति और नैतिकता के खिलाफ काम किया है। ऐसे में जमानत अर्जी खारिज की जाती है। आरोपी बीते दिनों एक कारखाने का कनेक्शन देने के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया था।  
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