राग श्याम कल्याण में निबद्ध बंदिश से आरंभ करने के बाद राग मालकौंस में ‘ऐसे मैं तुझे जानत हूं बलमा...’ से गायन को विस्तार दिया। दीपिका ने दर्शकों की फरमाइश पर ‘अभी न जाओ छोड़ के दिल अभी भरा नहीं...’ सुना कर श्रोताओं को थोड़ी राहत दी। श्रोताओं ने भी दीपिका के साथ सुर से सुर मिलाया।
संकट मोचन संगीत समारोह की तीसरी निशा की तीसरी प्रस्तुति लेकर मंचासीन हुईं बाहुबली फेम दीपिका वरदराजन। कलाकारों के क्रम में बदलाव के कारण दीपिका को ग्रीन रूम में थोड़ा अधिक इंतजार करना पड़ा और इसका असर उनकी प्रस्तुति पर भी नजर आया। काशी की जनता दीपिका के जिस अंदाज का इंतजार कर रहे थे उनको भी थोड़ी निराशा हुई।
राग श्याम कल्याण में निबद्ध बंदिश से आरंभ करने के बाद राग मालकौंस में ‘ऐसे मैं तुझे जानत हूं बलमा...’ से गायन को विस्तार दिया। दीपिका ने दर्शकों की फरमाइश पर ‘अभी न जाओ छोड़ के दिल अभी भरा नहीं...’ सुना कर श्रोताओं को थोड़ी राहत दी। श्रोताओं ने भी दीपिका के साथ सुर से सुर मिलाया। इसके बाद चौथी प्रस्तुति में कोलकाता के उस्ताद राशिद खान के नाम की जैसे ही घोषणा हुई दर्शकों ने हर-हर महादेव के जयघोष शुरू कर दिए। जैसे ही राशिद खान मंच पर पहुंचे तो जय-जय हनुमान और हर-हर महादेव का जयघोष गूंज उठा। उस्ताद राशिद खान ने आलाप से शुरूआत की। भगवान राम को समर्पित बंदिश में उन्होंने ताल का आरोह और अवरोह से सम्मोहन जगाया। मंच संचालन सौरभ चक्रवर्ती,जगदीश्वरी चौबे और साधना श्रीवास्तव ने किया।