डॉ. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते सुनील बंसल।
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संविधान निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर रविवार को जिले में विविध आयोजन हुए। स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से लेकर सामाजिक और राजनीतिक संगठनों तक ने बाबा साहब के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ताओं ने डॉ. आंबेडकर के व्यक्तित्व को सिर्फ दलितों, अनुसूचितों के मसीहा के रूप में देखने से ऊपर उठकर समग्र रूप में देखने पर जोर दिया। बीएचयू के मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में सामाजिक विज्ञान संकाय के तत्वावधान में आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित महोत्सव ‘महाड़ सत्याग्रह : पुनरावलोकन’ के पहले सत्र में लघु भाषण और कविताओं से विद्यार्थियों ने डॉ. आंबेडकर के महाड़ सत्याग्रह का ऐतिहासिक महत्व रेखांकित किया।
बीएचयू परिसर में मुक्ताकाशीय मंच ‘पुलिया प्रसंग’ की ओर से भीमराव आंबेडकर की 133वीं जयंती पर आयोजित संवाद में प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल समेत अन्य लोगों ने डॉ. आंबेडकर के सामाजिक संघर्षों के साथ उनके चिंतन का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शारीरिक शिक्षा विभाग एवं ज्ञान-विज्ञान पार्क में स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने अधिकारियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्रों के साथ माल्यार्पण किया।