वाराणसी में बारिश का असर केवल मोहल्लों और गलियों में ही नहीं मंदिरों में भी दिख रहा है। यही वजह है कि मणिकर्णिका घाट के बाबा महाश्मशान नाथ मंदिर में देर रात सीवर का गंदा पानी भर गया। जिसके कारण बाबा का भोग, शयन और मंगला आरती नहीं हो सकी।
काशी विश्वनाथ मंदिर से महज 50 मीटर की दूरी पर मणिकर्णिका घाट के बाबा महाश्मशान नाथ मंदिर में देर रात सीवर का गंदा पानी भर गया। पूरे मंदिर परिसर और गर्भगृह में सीवर भरने के कारण बाबा का भोग, शयन और मंगला आरती नहीं हो सकी। पूजा अर्चन बंद होने से भक्तों में आक्रोश है। दोपहर बाद मंदिर की सफाई होने के बाद पूजन व भोग आरंभ हुआ।
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शुक्रवार की रात हुई बारिश के बाद बाबा महाश्मशान नाथ के मंदिर में चार से पांच फीट ऊपर तक सीवर का पानी जमा हो गया। मंदिर के पुजारी नारायण बावा और भक्त जव मंदिर में शयन आरती व भोग के लिए पहुंचे तो पूरा परिसर सीवर में डूबा हुआ था। बाबा महाश्मशान नाथ सेवा समिति के उपाध्यक्ष संजय गुप्त ने नगर निगम व जलकल को इसकी सूचना दी लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा।
मंदिर परिसर में समिति और स्थानीय लोगों ने मिलकर सफाई की। महाश्मशान नाथ सेवा समित्ति के अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता ने बताया कि पिछली वार भारी बारिश के बाद अक्तूबर में मंदिर के अंदर शिवलिंग के ऊपर तक सीवर का गंदा पानी भर गया था, इस बार जुलाई के महीने में ही मंदिर में चार फीट से ऊपर तक मलजल का पानी लग गया है।