शुक्रवार की शाम चार बजे शुभ मुहूर्त में बाबा श्री लाटभैरव के रजत मुखौटे को पंचामृत स्नान कराकर विशेश्वरगंज स्थित इन्ना माई की गली में बरात की तैयारी शुरू हुई। आचार्य रविंद्र त्रिपाठी के आचार्यत्व में अध्यक्ष हरिहर पांडेय ने वैदिक रीति से पूजन किया।
भगवान शिव की नगरी काशी में रुद्रावतार भैरव जब नगर भ्रमण पर निकले तो श्रद्धा, भक्ति और आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा। काशीवासियों के पाप-पुण्य कर्म के शोधक काशी के न्यायाधीश बाबा लाटभैरव जब माता भैरवी संग विवाह रचाने निकले तो असंख्य भक्तगण बराती बन बरात में झूमते नजर आएं। यह भी पढ़ें-
शुक्रवार की शाम चार बजे शुभ मुहूर्त में बाबा श्री लाटभैरव के रजत मुखौटे को पंचामृत स्नान कराकर विशेश्वरगंज स्थित इन्ना माई की गली में बरात की तैयारी शुरू हुई। आचार्य रविंद्र त्रिपाठी के आचार्यत्व में अध्यक्ष हरिहर पांडेय ने वैदिक रीति से पूजन किया। रजत मुखौटे का विधिवत शृंगार कर सिर पर मौर धारण कराया। बाबा के मुखौटे को भव्य रथ पर विराजमान कराया गया। बरात का नेतृत्व कर रहे श्री कपाल भैरव अथवा लाट भैरव प्रबंधक समिति के अध्यक्ष हरिहर पांडेय ने शुभता का प्रतीक नारियल फोड़कर हर हर महादेव... के उद्घोष संग बरात शोभायात्रा का शुभारंभ किया।
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बाबा लाटभैरव की बरात
- फोटो : अमर उजाला
शोभायात्रा में भक्तों के जनसैलाब से रथ का पहिया भी मंद पड़ गया। इसलिए तीन किलोमीटर के बरात मार्ग को पारकर मंदिर पहुंचने में लगभग 10 घंटे से भी अधिक का समय लगा। बरात जलालीपुरा होते हुए कज्जाकपुरा स्थित कपाल मोचन कुंड पहुंची। वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य द्वार पूजन, परछन के साथ ही अन्य वैवाहिक संस्कार के सभी विधानों को शास्त्रोक्त विधि से पूर्ण किया गया। भैरवी कूप की पांच परिक्रमा के बाद रजत मखौटे को विग्रह पर धारण कराया गया। विवाह संपन्न होने के उपरांत ब्रह्म मुहूर्त में मंगला आरती उतारी गई।
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बाबा लाटभैरव की बरात
- फोटो : अमर उजाला
देर रात्रि तक लंबी कतार, बाबा के जय-जयकार से गूंजता रहा दरबार
लाटभैरव मंदिर में शाम से ही दर्शन प्रारंभ हो चुके थे। बाबा के विशाल विग्रह को दशविध स्नान कराने के उपरांत यौवन स्वरूप मुखौटा धारण कराया गया। नवीन वस्त्राभूषण से अलंकृत कर रुद्राक्ष, रजत मुंडमाला, बेला, गुलाब, कुंद आदि के पुष्पाहार से दिव्य शृंगार किया गया।
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बाबा लाटभैरव की बरात
- फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही गर्भगृह में प्रथम पूज्य देव गणेश, अष्ट भैरव, जगतजननी मां काली, प्रिय वाहन स्वान का शृंगार किया गया था। शाम से देर रात्रि तक भक्तों की लंबी कतार लगी रही। मंदिर में लगी एलईडी स्क्रीन पर लगातार बरात का सजीव प्रसारण दिखाया जा रहा था।
भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। तालाब के चारों ओर मेले सा माहौल था। रामबाग में नगर वधुओं ने बाबा के चरणों में अपनी मनमोहक प्रस्तुति से हाजिरी लगाई। इस दौरान बसंत सिंह राठौर, मुन्ना लाल यादव, विक्रम सिंह राठौर, छोटन केशरी, शिवम अग्रहरि मौजूद रहे।