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UP: बाबा विश्वनाथ का अपमान किया गया है..., अजय राय ने किया पॉलिटिकल कमेंट; चल रजत प्रतिमा को पूजा

Tue, 11 Mar 2025 03:20 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सोमवार को बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने सियासी कमेंट किया। कहा कि काशी की परंपरा को नष्ट किया जा रहा है।
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कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय। - फोटो : अमर उजाला
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UP Politics: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ की प्रतिमा को ढंककर मंदिर परिसर तक ले जाना, बाबा विश्वनाथ और काशीवासियों का अपमान है। काशी की परंपरा को नष्ट किया जा रहा है। सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बाबा विश्वनाथ की चल रजत प्रतिमा के दर्शन किए।

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सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लहुराबीर स्थित कैंप कार्यालय से बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने निकल रहे थे तो पुलिस न उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसके बाद भी वे कांग्रेसजनों के साथ विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने बाबा विश्वनाथ और उनकी चल रजत प्रतिमा के दर्शन कर विश्व कल्याण की कामना की। 

दर्शन-पूजन के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि काशी में रंगभरी एकादशी से रंगोत्सव की शुरुआत हो जाती है। आज हमें दर्शन करने से रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, प्रमोद पांडेय, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, सतनाम सिंह, चंचल शर्मा, दिलीप चौबे, मनीष मोरोलिया, विश्वनाथ कुंवर उपस्थित रहे।

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रंगभरी पर तीन प्रतिमाएं, दो गर्भगृह में एक घर के अंदर
रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ और मां गौरा की तीन चल रजत प्रतिमाओं के दर्शन हुए। दो प्रतिमाएं तो बाबा विश्वनाथ धाम में रहीं। वहीं, तीसरी प्रतिमा के दर्शन पं. लोकपति तिवारी के आवास पर हुए।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में न्यास की ओर से तैयार बाबा की चल रजत प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली गई। आठ मार्च से ही मंदिर न्यास की प्रतिमा के तीन दिवसीय अनुष्ठान शुरू हो गए थे। वहीं, टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास पर बाबा विश्वनाथ की चल रजत प्रतिमा के गौने के अनुष्ठान सात मार्च से चल रहे थे। 

रंगभरी एकादशी पर यह दोनों प्रतिमाएं बाबा विश्वनाथ के धाम में थीं। तीसरी प्रतिमा महंत परिवार के ही पं. लोकपति तिवारी के बड़ादेव स्थित आवास पर थी। इस प्रतिमा के भी भी गौने के अनुष्ठान पूरे कराए गए लेकिन इस प्रतिमा की पालकी यात्रा नहीं निकली।
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