तेरस का दुर्लभ संयोग रविवार को है। शनिवार को कामदा एकादशी पर ही काशी में भोलेनाथ के भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। हर हर महादेव के गगन भेदी जयकारों के बीच बड़ी तादाद में भक्त काशी पहुंच गए और दूसरे सोमवार से पहले ही बाबा की नगरी बम बम हो गई। शिविरों की छटा देखते बनी। रथयात्रा से दशाश्वमेध तक के शिविरों में कांवरियों का तांता लग गया है।
बाबा विश्वनाथ की नगरी में सावन के उत्सव रंग और चटख हो गया है। इस बार सावन का दूसरा सोमवार पहली अगस्त को होगा। इससे पहले ही त्रिशता योग में बाबा के दर्शन और गंगा स्नान के लिए भोले के भक्तों का रेला उमड़ पड़ा है। रात आठ बजे तक शिविरों में तांता लग गया था। सड़कों की पटरियों, डिवाइडरों पर भी भक्तों को कतारबद्ध विश्राम करते देखा गया।
दशाश्वमेध के शिवशक्ति कांवरिया तीर्थ यात्री सेवा शिविर में भी जगह नहीं बची। चिकित्सा कैंपों में तमाम कांवरिए अपने पांवाें के छालों का इलाज कराते नजर आए। शिविर के संयोजक नरसिंह दास ने बताया कि इस बार मौसम अनुकूल होने की वजह से भक्तों में उत्साह अधिक है। लक्सा स्थित सिंधी धर्मशाला में लगे शिविर के उपाध्यक्ष राजेश शुक्ला ने बताया कि सड़क की पटरियों पर भी बड़ी तादाद में भक्त फुर्सत के क्षण गुजार रहे हैं।
शिविर में रात को जगह कम पड़ जा रही है। 24 घंटे भोजन, नाश्ता दिया जा रहा है। इसी तरह रथयात्रा पर काशी कांवरिया शिविर में भी भक्तों की सुविधा का हर ख्याल रखा जा रहा है। इस शिविर के संचालक गोपाल सिंह सावन के दूसरे सोमवार पर उमड़ रहे कांवरियों की सेवा में जुट गए हैं। मैदागिन, जगतगंज, चेतगंज, चौक, बांसफाटक, दशाश्वमेध, लक्सा, रथयात्रा, महमूरगंज, मंडुवाडीह क्रासिंग, मंडुवाडीह, राजा तालाब, औराई, भदोही कांवरिया शिविरों में उत्सव जैसा माहौल हैं।