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Azamgarh News: निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने वाला अपराधी अरेस्ट, 13.74 लाख हड़पे थे; पुलिस ने ऐसे पकड़ा

Thu, 09 Jul 2026 09:13 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: साइबर थाना पुलिस ने निवेश के नाम पर 13.74 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को अधिक मुनाफे का झांसा देकर निवेश कराता था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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ठगों की जानकारी देती पुलिस। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP Crime: साइबर क्राइम थाना पुलिस ने निवेश के नाम पर साइबर ठगी की रकम अपने खाते में मंगाने वाले एक शातिर अपराधी रामाश्रय सरोज को गिरफ्तार किया है। उसके खाते से गुजरात राज्य की एक एनसीआरपी शिकायत में 13 लाख 74 हजार रुपये की साइबर ठगी का मामला जुड़ा हुआ पाया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किया है।

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एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त शिकायत की जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खाता संख्या 39938214534 के खाताधारक रामाश्रय सरोज को पूछताछ के लिए बुलाया गया। रामाश्रय सरोज ग्राम सोफीपुर, थाना देवगांव, जनपद आजमगढ़ का निवासी है। पूछताछ के दौरान बैंक खाते के स्टेटमेंट और तकनीकी विश्लेषण में रामाश्रय सरोज अपने साथी गुड्डू कुमार के साथ साइबर अपराध में संलिप्त पाया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे बुधवार की शाम गिरफ्तार किया गया। 
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एसपी ग्रामीण ने बताय कि इस संबंध में थाना साइबर क्राइम में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ ही आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त रामाश्रय सरोज है, जबकि वांछित अभियुक्त गुड्डू कुमार पुत्र मिथलेश कुमार, निवासी ग्राम बेलदारीपर, जनपद नालंदा, बिहार है।

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अपराध का तरीका
एसपी ग्रामीण ने बातया कि रामाश्रय सरोज अपने बैंक खाते का उपयोग साइबर ठगी की धनराशि प्राप्त करने के लिए करता था। उसका साथी गुड्डू कुमार साइबर ठगी से प्राप्त रकम रामाश्रय के खाते में भेजता था। रामाश्रय एटीएम से नकदी निकालता था, अपना कमीशन रखता था और शेष धनराशि अपने साथी को दे देता था। इस प्रकार दोनों मिलकर साइबर ठगी से अवैध आर्थिक लाभ कमाते थे। जांच के दौरान रामाश्रय के खाते से जुड़ी गुजरात राज्य की एक एनसीआरपी शिकायत मिली, जिसमें निवेश के नाम पर 13 लाख 74 हजार रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ।
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