मंजूषा सुल्तानपुर जिले से निकलकर अहरौला होते हुए दुर्वासा में तमसा में मिलती हैं। कुंवर नदी निजामाबाद, छोटी सरयू महराजगंज से होकर गुजरती है। गांगी नदी ठेकमा के जिवली के पास जिले में प्रवेश करती है और गाजीपुर की सीमा में प्रवेश करती हैं। बेसो के मार्टीनगंज ब्लाक के एक ताल से निकलती है और गाजीपुर तक जाती है। उदन्ती लालगंज ब्लाक के एक तालाब से निकलकर मेहनाजपुर की ओर से जाती है। बगाड़ी नदी निजामाबाद के गंधुई बढ़या ताल से निकलकर कुंवर नदी में मिलती है। मंगई नदी जौनपुर से जनपद की सीमा में प्रवेश करती हैं।
इनका है पौराणिक महत्व
दुर्वासा: यह स्थान फूलपुर तहसील मुख्यालय के उत्तर से छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह जगह यहां स्थित दुर्वासा ऋषि के आश्रम के लिए काफी प्रसिद्ध है। तमसा-मंजुसा के संगम पर स्थित दुर्वासा ऋषि के आश्रम पर कार्तिक पूर्णिमा पर तीन दिवसीय मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
दत्तात्रेय: निजामाबाद तहसील के तमसा और कुंवर नदी के संगम पर दत्तात्रेय का आश्रम है। यहां भी शिवरात्रि के दिन मेले का आयोजन किया जाता है। चंद्रमा ऋषि ,दत्तात्रेय और दुर्वासा ऋषि यह तीनों लोग सती अनुसूया के पुत्र माने जाते हैं, जो क्रमागत ब्रह्मा,विष्णु और महेश के अवतार माने जाते हैं।
चंद्रमा ऋषि आश्राम: सदर तहसील के मुजफ्फरपुर के पास तमसा और सिलनी नदीं के संगम पर चंद्रमा ऋषि का आश्रम है। यही भी लोगों की आस्था के केंद्र है। जनपद मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर पश्चिम में भंवरनाथ से तहबरपुर जाने वाले रास्ते पर पड़ता है।रामनवमी तथा कार्तिक पूर्णिमा पर मेला लगता है। ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल घूमने का स्थान है। यह स्थान सती अनसूया के कहानी से संबंधित है।