अमर उजाला के हाथ पोस्ट लगी तो पड़ताल शुरू हुई और मामला सामने आया। पूछताछ शुरू होते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि टीकाकरण कराने वाला एक व्यक्ति स्वास्थ्यकर्मी नहीं होते हुए भी टीका लगवा लिया है। अमर उजला में खबर प्रकाशित होने के बाद महिला अस्पताल की सीएमएस को नोटिस जारी कर तीन दिनों में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश सीएमओ ने दिया है। सीएमओ ने कहा कि कोविड-19 पोर्टल में गलती नहीं हुई लेकिन महिला अस्पताल पर बने बूथ स्तर पर यह लापरवाही की गई है। वहीं महिला अस्पताल प्रशासन अब इस गड़बड़ी को एक निजी अस्पताल पर थोप कर जिम्मेदारी से बचने की कवायद में जुटा है।
जिस व्यक्ति ने फर्जी तरीके से टीका लगवाया है, वह एक निजी अस्पताल के स्टाफ के साथ आया था। उसी अस्पताल का स्टाफ बता कर उसने टीकाकरण कराया है। जानबूझ कर अथवा पोर्टल में सेंधमारी की कोई बात नहीं है। सारी गड़बड़ी निजी अस्पताल प्रशासन की है। वह व्यक्ति उन्हीं के साथ आया था। अभी जांच कराई जा रही है, जल्द ही सीएमओ को आख्या प्रेषित कर दी जाएगी। - डॉ. अमिता अग्रवाल, प्रभारी सीएमएस, जिला महिला अस्पताल, आजमगढ़।
महिला अस्पताल बूथ की नोडल व प्रभारी सीएमओ को नोटिस देकर तीन दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनका स्पष्टीकरण आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोविड-19 पोर्टल में कोई सेंधमारी नहीं हुई है। - डॉ. एके मिश्रा, सीएमओ, आजमगढ़।