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आजमगढ़ कमिश्नरी में अधिवक्ताओं ने किया जमकर हंगामा- तोड़फोड़

Wed, 23 May 2018 07:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
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अधिवक्ताओं के हंगामें से छावनी में तब्दील कर दी गई कमिश्नरी - फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़ कमिश्नरी कार्यालय पर बुधवार की सुबह से लेकर शाम तक हंगामे की स्थिति रही। एक तरफ जहां वकील विरोध प्रदर्शन कर रहे थे तो वहीं दूसरी तरफ कमिश्नर ने भी प्रेसवार्ता कर मीडिया के समक्ष अपनी बातों को रखा। इसी दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे कुछ वकील उग्र हो गए और उन्होंने कमिश्नर कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ कर हंगामा शुरू कर दिया। तोड़फोड़ की खबर मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गई।  
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कमिश्नर एसवीएस रंगाराव द्वारा बिना वकीलों के ही सुनवाई का फरमान 11 मई को सभी अधीनस्थ न्यायालयों के लिए जारी किया गया था। इसके बाद से ही सेंट्रल बार के वकील कमिश्नर के खिलाफ मोर्चा खोल रखे है।

संयुक्त अधिवक्ता संघर्ष समिति का गठन कर मंडल के सभी अधिवक्ता संगठनों को कमिश्नर के खिलाफ लामबंद कर दिया गया है। संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले ही कमिश्नरी परिसर में बुधवार की सुबह 11 बजे वकीलों ने धरना-प्रदर्शन आयोजित किया था।
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इसी दौरान कमिश्नर के प्रेसवार्ता की खबर पाकर कुछ वकील उग्र हो गए और उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी। कमिश्नर कक्ष के खिड़की में लगे शीशे को तोड़ डाला गया। वकीलों के तोड़फोड़ और हंगामे की खबर मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई और पूरी कमिश्नरी छावनी में तब्दील हो गई।

पुलिस फोर्स के पहुंचते ही वकील भी धरना स्थल से हट गए और सभागार में पहुंच कर मीटिंग करना शुरू कर दिया। वहीं वकीलों द्वारा किए गए तोड़फोड़ की पुलिस प्रशासन ने रिकार्डिंग भी कराई।

कमिश्नर ने स्वयं पुलिस को घटना से अवगत कराते हुए जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। कमिश्नर ने बताया कि तोड़फोड़ करने वाले की पहचान कर ली गई है, निश्चित तौर पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।  

वकीलों ने किया धरना प्रदर्शन जारी रखने का एलान

बैठक करते वकील - फोटो : अमर उजाला
 संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले वकीलों ने बुधवार को कमिश्नरी परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान वकीलों ने कहा कि जब तक मंडलायुक्त अपने फरमान को वापस नहीं लेते है तब तक वकीलों का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

सेंट्रल बार के अध्यक्ष तारकेश्वर मिश्रा ने कहा कि वकीलों ने कोई तोडफ़ोड़ नहीं की है। सिर्फ शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चलाया जा रहा है। सहमंत्री प्रशासन अजीत सिंह ने बताया कि गुरुवार को भी वकीलों का धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

इसमें जिले के सभी अधिवक्ता संगठन प्रतिभाग करेंगे। 25 मई को गिरजाघर चौराहे पर मंडलायुक्त के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और आंदोलन चलाया जायेगा।  

दिनभर अफरातफरी, वादकारी हुए परेशान 
कमिश्नरी परिसर में वकीलों के धरना-प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ के चलते दिनभर अफरातफरी रही। भारी संख्या में पुलिस बल के कमिश्नरी कार्यालय में डेरा डाल देने से कोई बड़ी घटना तो नहीं घटी लेकिन माहौल पूरी तरह से गरम नजर आया।

वादकारियों को इस दौरान काफी परेशानी उठानी पड़ी। हंगामे के बीच वादकारी अपने वकील और कमिश्नरी न्यायालय का चक्रमण करते नजर आए ।   
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शासन की मंशा और वादकारियों का हित सर्वोपरि : मंडलायुक्त

मंडलायुक्त एसवीएस रंगाराव - फोटो : अमर उजाला
वकीलों के आंदोलन के बीच मंडलायुक्त एसवीएस रंगाराव ने भी बुधवार को प्रेसवार्ता कर मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शासन के मंशा के अनुरूप और वादकारियों के हित में फैसले लिए जाएंगे।

मैंने वकीलों को न्यायालय में आने से मना नहीं किया है, लेकिन यदि वे नहीं आना चाहते तो भी वे मुकदमों की सुनवाई बगैर वकील करेंगे। आयुक्त ने कहा कि वर्तमान में मुकदमों के बोझ से मंडल दबा हुआ है। वकीलों के हड़ताल के चलते स्थिति ज्यादा खराब हुई है।

जिसे देखते हुए ही मंडलीय न्यायालयों के साथ ही सभी मातहत न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों को बिना वकीलों के भी सुनवाई करने का फरमान जारी किया गया है। जिन मुकदमों को तीन माह में निपट जाना चाहिए वह 10 से 12 सालों के पेडिंग पड़े है।

प्रतिदिन पचास से अधिक मुकदमों को निपटाने की कवायद में वे जुटे हुए है। वादकारी दूर दराज से आते है और वकीलों के हड़ताल के चलते बैरंग वापस लौट जाते है। इससे उनका काफी नुकसान होता है। 

कमिश्नर ने बिना वकील किया सुनवाई 
कमिश्नर के विरोध में आंदोलित सेंट्रल बार के वकील जहां बुधवार को भी न्यायालय का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया तो वहीं कमिश्नर ने वकीलों के हंगामे को नजरअंदाज कर अपने न्यायालय में बिना वकील के सुनवाई जारी रखी। मंडलायुक्त ने न्यायालय में बैठ कर सीधे वादकारियों से उनका पक्ष सुना और कई मामलों में फैसला भी सुनाया।  
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