गोली लगने से पूर्व विधायक के साथ ही उनके दो सहयोगियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद जीयनपुर कस्बावासी आक्रोशित हो उठे थे। जिसके चलते जीयनपुर कोतवाली पर तोड़फोड़ व आगजनी भी हुई थी। कई वाहनों को जीयनपुर बाजार में जला दिया गया था। पुलिस व पब्लिक के बीच जीयनपुर चौराहे पर मुठभेड़ भी हुई थी, जिसमें पुलिस द्वारा चलाई गई गोली से कई लोग घायल भी हुए थे। पूर्व विधायक हत्याकांड की प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
इस हत्याकांड में कुख्यात अपराधी ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू समेत उसके कई सहयोगियों को आरोपी बनाया गया था। सात साल पहले हुए इस हत्याकांड में दर्ज मुकदमे में कुछ हिस्से की विवेचना जहां जनपद पुलिस कर रही है तो कुछ की सीबीआई। न्यायालय में मामला चल रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस प्रकरण की जल्द सुनवाई कर 31 दिसंबर तक फैसला सुनाने का निर्देश दिया है। इसके चलते प्रतिदिन सुनवाई हो रही है। लगभग 19-20 गवाहों की गवाही इस प्रकरण में होनी है। अब तक मात्र एक गवाह की ही गवाही हो सकी है, जिसकी 70 पन्नों की जिरह भी हो चुकी है। सीबीआई इंस्पेक्टर बलजीत वशिष्ठ के साथ ही वकील पंकज गुप्ता व दीपनरायन भी सुनवाई के लिए जिले में डटे हैं।