केस-दो
चंदौली के मजीदाहा निवासी आशु प्रजापति को पैर में चोट लग गई थी। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक इलाज कराया और जांच कराने पर पता चला कि पैर की हड्डी टूट गई है और ऑपरेशन कराना पड़ेगा। यहां से चिकित्सकों ने उसे दीनदयाल अस्पताल रेफर कर दिया। 20 जुलाई को भर्ती होने के बाद ऑपरेशन हुआ, जिसमें परिवारवालों का एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ।
गोल्डन कार्ड से इनका हुआ इलाज
जिले में गोल्डेन कार्ड धारक 1.35 लाख
निजी अस्पताल 11035
सरकारी अस्पताल 5487
अधिक से अधिक लोगों को गोल्डन कार्ड मिले और वह योजना का लाभ ले सकें, इसके लिए ब्लॉकवार कैंप लगाकर कार्ड बनाने के साथ ही जागरूक किया जा रहा है। दो अक्तूबर तक विशेष शिविर लगाया गया है। शिविर में मरीजों को इसके तहत बीमारियों के इलाज की भी जानकारी दी जा रही है।-डॉ.वीबी सिंह, सीएमओ