13 हजार गोल्डेन कार्ड लाभार्थियों तक न पहुंचाने के बाद भी वितरण में जिला सूबे में चौथे स्थान पर है। इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर तबके भी लाभान्वित हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि कई मरीज रोते हुए अस्पताल में गए, लेकिन चंद दिनों में खुश होकर बाहर निकले। जिले में दो सरकारी समेत 22 अस्पतालों का चयन हुआ है। जिसमें हड्डी रोग, पेट, लीवर समेत अन्य बीमारियों के अलग-अलग अस्पताल शामिल है। अब तक 3213 लाभार्थी अस्पतालों में उपचार करा चुके हैं।
चयनित 21 अस्पताल
आयुष्मान योजना के पैनल में जिले के 21 अस्पताल शामिल हैं। जिसमें दो सरकारी और 20 निजी अस्पताल हैं। इनमें महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर, महाराजा बलवंत सिंह अस्पताल भदोही, प्रतिमा हास्पिटल एवं ट्रामा सेंटर, जीवनधारा हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, जीवन ज्योति हास्पिटल, जीवनदीप हास्पिटल, श्री श्यामलाल मेमोरियल हास्पिटल, कौशल्या मेमोरियल हास्पिटल, सौराध हास्पिटल, जय दीप हास्पिटल, स्टार हास्पिटल एंड हर्ट केयर सेंटर, सहारा हास्पिटल, आकाशदीप हास्पिटल, प्रभावती हास्पिटल, आनंद हास्पिटल, जीवनदार हास्पिटल, आनंद हास्पिटल एंड डायगनिक सेंटर, जीवन सहारा हास्पिटल, लाइफ लाइन हास्पिटल और संजीवनी हास्पिटल एंड अल्ट्रासाउंड सेंटर शामिल हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि योजना में जरूरतमंदों को लाभ मिल रहा है। गोल्डेन कार्ड का वितरण भी हो रहा है। 90 फीसदी से अधिक कार्ड वितरित हो चुके हैं।
क्या है आयुष्मान योजना
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थी परिवार को पांच लाख रुपये तक सरकारी और निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज की सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके लिए उन्हें गोल्डेन कार्ड लेकर अस्पताल जाना होगा। सरकारी और निजी अस्पतालों के चयन के साथ ही अब वेलनेस सेंटर भी इससे जोड़े जा रहे हैं, जिससे कि लोगों को इसका लाभ मिल सके।