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हाथ में आयुष्मान कार्ड फिर भी नहीं मिला इलाज: अस्पताल ने वापस लौटाया, परिजन ले आए घर, चार दिन से हालत खराब

Tue, 20 Sep 2022 02:06 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

आयुष्मान कार्ड होने पर भी वाराणसी में एक शख्स का इलाज नहीं हो सका। बीरभानपुर निवासी दीपू मुसहर (30) के पास आयुष्मान कार्ड तो था लेकिन निजी अस्पतालों ने इलाज करने से मना कर दिया। परिजन उसे लेकर चक्कर काटते रहे लेकिन जब कहीं नहीं भर्ती हुआ तो घर लेकर चले आए।
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दीपू मुसहर - फोटो : अमर उजाला
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अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड है तो नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। यह तो नियम है लेकिन हकीकत में लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सड़क दुर्घटना में घायल बीरभानपुर निवासी दीपू मुसहर (30) के पास आयुष्मान कार्ड तो था लेकिन निजी अस्पतालों ने इलाज करने से मना कर दिया। परिजन उसे लेकर चक्कर काटते रहे लेकिन जब कहीं नहीं भर्ती हुआ तो घर लेकर चले आए।

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दीपू मुसहर की मां लक्षना ने बताया कि उसके बेटे का 15 सितंबर की रात में राजातालाब ओवर ब्रिज के नीचे एक्सीडेंट हो गया था। दुर्घटना में उसे हाथ पैर के साथ चेहरे पर चोटें आई थी। जबड़े में अधिक चोट लगने के कारण वह न तो बोल पा रहा है और ना ही खाना खा पा रहा है। दीपू की मां के अनुसार सोमवार को भी वह अखरी बाईपास स्थित एक निजी चिकित्सालय में ले गई थी उन्होंने उसे भर्ती करने से मना कर दिया।

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Ayushman Bharat Yojana card new - फोटो : Amar Ujala
बाईपास पंडितपुर स्थित एक मेडिकल कॉलेज ने भी आयुष्मान कार्ड दिखाने के बाद भी उसे एडमिट नहीं किया। लिहाजा वह देर शाम बारिश में भीगते हुए घर वापस गई। दीपू की मां का कहना था कि उसके पास आयुष्मान कार्ड है उसका इलाज होना चाहिए। कुछ अस्पताल वालों ने पहले पैसा जमा करने को कहा। दीपू और उसके घर वाले परेशान हैं कि चार दिन से भोजन न कर पाने तथा इलाज न होने की स्थिति में उसकी हालत कहीं और न खराब हो जाए।

आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। इस मामले में संबंधित मरीज को क्यों नहीं इलाज मिला, इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही यह भी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी कि कार्ड धारकों को लाभ मिल सके।-डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ
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