इंटर्न डॉक्टरों ने राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग की गाइडलाइन और समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत के अनुरूप मानदेय में समानता लागू करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति के इंटर्न डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाकर कम से कम 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए।
डॉक्टरों का कहना है कि मानदेय वृद्धि से संबंधित फाइल पिछले कई महीनों से वित्त विभाग और आयुष विभाग के बीच लंबित है। उन्होंने शासन से तत्काल इस पर निर्णय लेते हुए मंत्रिमंडल से शासनादेश जारी करने की मांग की है।
इंटर्न डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि तीन सितंबर का प्रदर्शन केवल सांकेतिक शुरुआत है। मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो सात सितंबर को राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय, चौकाघाट से जिलाधिकारी कार्यालय वाराणसी तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला जाएगा।