अयोध्या मामले में फैसले के दूसरे दिन रविवार को भी जिले की मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों में पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात रहे। साथ ही आईबी और एलआईयू के कर्मचारी भी माहौल पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो एक हफ्ते तक फोर्स तैनात रहेगी।
अयोध्या विवाद के फैसले के मद्देनजर बीते एक पखवारे से पुलिस और प्रशासन के स्तर से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही थी। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद पुलिस की सतर्कता और जन सहयोग से जिले का माहौल पूरी तरह से सामान्य रहा। पुलिस की सोशल मीडिया सेल चौबीसों घंटे सोशल मीडिया की निगरानी कर रही है और अफवाहें न फैलाने के लिए बार-बार एलर्ट भी जारी किया जा रहा है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि बारावफात के बीतते ही देव दीपावली है। सभी थानेदारों और चौकी प्रभारियों को कहा गया है कि अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए अपने क्षेत्र में ड्यूटी करें। साथ ही संभ्रांत लोगों और डिजिटल वालंटियरों के संपर्क में रहें। अभिसूचना संकलन और सतर्कता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अयोध्या फैसले के दूसरे दिन भी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्रों में तैनात रहे। गंगा घाट, मंदिर सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष टीमों से निगरानी कराई जा रही है। निर्देश दिए गए है कि मजिस्ट्रेट हर दिन रिपोर्ट देेंगे। रविवार को बारावफात और गुरुनानक जयंती के जुलूस के चलते प्रशासन अलर्ट रहा और सुबह ही अधिकारियों ने अलग अलग इलाकों में निगरानी रखी। उधर, शहर काजी गुलाम यासिन का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की सूचना पर जिलाधिकरी कौशलराज शर्मा और एसएसपी प्रभाकर चौधरी उनके घर पहुंचे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। समाज के प्रबुद्ध लोगों से भी अधिकारियों के अलग अलग दल ने मुलाकात की। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने भी शहर में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया।