दुनिया भर के रामभक्तों ने श्रीराम जन्मभूमि की मिट्टी मांगी है। उनका कहना है कि अयोध्या की रज का स्पर्श भी कल्याणकारी है। विदेशों से बड़ी संख्या में पहुंचे विशिष्ट अतिथि अयोध्या में सोमवार को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साक्षी बनेंगे।
अयोध्या की पवित्र मिट्टी सात समंदर पार विदेशी रामभक्तों के माथे का तिलक बनेगी। दुनिया के तमाम देशों से रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने अयोध्या पहुंचे धर्माचार्यों, संत समाज के लोगों और विशिष्ट शख्सियतों से श्रीराम में आस्था रखने वाले विदेशी नागरिकों ने श्रीराम जन्मभूमि की मिट्टी मांगी है। उनका कहना है कि श्रीराम के जन्मस्थान की पवित्र मिट्टी भी शिरोधार्य करने योग्य है।
विज्ञापन
अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का उत्साह सात समंदर पार विदेशों में भी रामभक्तों के सिर चढ़कर बोल रहा है। विदेशों से बड़ी तादाद में पहुंचे विशिष्ट अतिथि अयोध्या में सोमवार को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साक्षी बनेंगे।
विश्व हिंदू परिषद के यूरोप व वेस्टइंडीज के पूर्व प्रचारक और महर्षि वैदिक विश्वविद्यालय वेस्टइंडीज के वाइस चांसलर भदोही निवासी स्वामी ब्रह्मदेव भी रविवार को अयोध्या पहुंचेंगे। वह दिल्ली पहुंच चुके हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सेंट कीट्स, फ्रेंच गुयाना, ट्रिनिडाड टोबैगो, सेंट लूसिया, बाराबडोस, जमैका, डोमिनिका, सूरीनाम, गुयाना, वेस्ट इंडीज के कई लोगों ने अयोध्या की मिट्टी साथ ले आने के लिए कहा है। उनका कहना है कि अयोध्या की रज का स्पर्श भी कल्याणकारी है। स्वामी ब्रह्मदेव ने बताया कि कैरेबियाई देशों के अलावा मॉरीशस, वेनेजुएला, ब्राजील और बेलिज आदि के तमाम मंदिरों में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान विशेष पूजा भी की जाएगी।