मऊ। मामूली लापरवाही की वजह से कोरोना संक्रमण फैल रहा है। कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए अगर सतर्कता बरती जाए तो संक्रमण को मात दी जा सकती है। जागरूकता और सावधानी ही कोरोना से बचाव हो सकता है। ये बातें मजिस्ट्रेट बाल कल्याण विनीता पांडेय ने मंगलवार को अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स की ओर से आयोजित ‘कोरोना संक्रमण काल में दुश्वारियां और बचाव’ विषयक वेबिनार में कहीं।
समाज सेविका संगीता ने कहा कि उनका पूरा परिवार संक्रमण की चपेट में आ गया था। उन्होंने साहस और सकारात्मक सोच से पूरे परिवार को महामारी से उबारा। उन्होंने संक्रमण के दौरान इस्तेमाल होने वाले पेय पदार्थों और खानपान के बारे में भी जानकारी दी। अध्यापिका मधुलिका बरनवाल ने कहा कि उनके पति जब बाहर से आते हैं तो उनका कपड़ा बाहर रखवाती हैं, इसके बाद बाहर ही हाथ मुंह धुलवा कर घर में प्रवेश करने देती हैं। पूरे परिवार को नियमित भाप देती हैं। संतुलित भोजन समय से सभी को उपलब्ध कराया जाता है।
डेंटिस्ट डा. उत्तरा और डा. सारिका सिंह ने बताया कि उनका काम ऐसा है कि संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। फिर भी आत्म विश्वास और सकारात्मक सोच से वे खुद के साथ पूरे परिवार को स्वस्थ रख रही हैं। शिक्षिका प्रीतुलता पांडेय ने कहा कि संक्रमण होने पर हौसला कम न होने दें।
सकारात्मक सोच रखें। डाक्टर की सलाह पर अमल करें। प्रियंका खंडेलवाल ने कहा कि संक्रमण में सांस लेने की दिक्कत सामने आ रही है। कहा कि सीने और पैर के नीचे तकिया रखकर लेटने से आक्सीजन स्तर बढ़ता है। नीलम पांडेय ने कहा कि महामारी से खुद और परिवार को बचाना है तो कम से कम बाहर निकलें और कोविड गाइड लाइन का अनुपालन करें। पुष्पा जायसवाल ने कहा कि सभी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कोरोना गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। सुनीता पांडेय ने कहा कि लखनऊ से आने पर बेटा कोरोना पॉजिटिव था। उसकी सेवा करते करते वह भी संक्रमित हो गईं। लेकिन सकारात्मक सोच से वह जल्द स्वस्थ हो गईं। ज्योति सिंह और नीलम सराफ ने कहा कि संक्रमण से बचने के लिए ठंडी चीजों को छोड़ना जरूरी है। उचित मात्रा में काढे़ का सेवन करना चाहिए। प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ को भोजन में शामिल करें। प्राणायाम करते रहें। वेबिनार में 11 महिलाओं ने भागीदारी की।
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