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अवधेश राय हत्याकांड: 31 साल पुराने मामले में पहले विवेचक से जिरह पूरी, दूसरे को कोर्ट ने 7 अक्तूबर को किया तलब

Fri, 30 Sep 2022 07:00 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के लहुराबीर क्षेत्र में तीन अगस्त 1991 को अवधेश राय की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। 31 साल पुराने इस मामले में शुक्रवार तत्कालीन विवेचक उदयभान सिंह से जिरह पूरी हो गई। 
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वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में 31 साल पहले चर्चित अवधेश राय हत्याकांड मामले में शुक्रवार को तत्कालीन विवेचक उदयभान सिंह से जिरह पूरी हो गई। विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) की कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गवाही हुई। अब अगले गवाह कृपाशंकर शुक्ला और चिक लेखक राजकुमार यादव को अगली तिथि सात अक्तूबर को कोर्ट ने पेश होने का आदेश दिया।

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साथ ही अदालत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से गवाही-जिरह की कार्यवाही के लिए नियुक्त समन्वयक एडीजीसी विनय कुमार सिंह व तृप्ति वर्मा की उपस्थिति में साक्षी का साक्ष्य अंकित किया और उसकी रिकार्डिंग की। उस पर साक्षी का हस्ताक्षर करवाकर तीन दिन में मूल प्रति न्यायालय के समक्ष प्रेषित करने का भी निर्देश दिया गया।

इस दौरान अदालत में मामले के मुख्य आरोपी पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बांदा जेल से पेशी हुई। अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी वादी के अधिवक्ता अनुज यादव व विकास सिंह एवं एडीजीसी ज्योति शंकर उपाध्याय भी मौजूद रहे।

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माफिया मुख्तार और उसके साथियों के खिलाफ दर्ज है मुकदमा

तीन अगस्त 1991 को लहुराबीर स्थित आवास पर ही बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर अवधेश राय की हत्या कर दी थी। भाई अजय राय ने माफिया मुख्तार अंसारी, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, भीम सिंह, कमलेश सिंह व राकेश न्यायिक समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में पहले विवेचक रहे उदयभान सिंह के अस्वस्थ होने के चलते उनके बयान व जिरह की कार्यवाही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कराने का आदेश दिया था। 

धमकी मामले में पूर्व खनन मंत्री ने आरोप मुक्त करने दी कोर्ट में अर्जी

पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम/एमपी-एमएलए कोर्ट में आरोप मुक्त की अर्जी दी है। टेंडर का कमीशन नहीं देने पर धमकी और साक्ष्य मिटाने के मामले में गायत्री प्रजापति आरोपी है। अधिवक्ता अजय सिंह के जरिए दी गई अर्जी पर कोर्ट ने सात अक्तूबर को सुनवाई की तिथि नियत की है। इस मामले में बीते दिनों आरोपी की जमानत अर्जी खारिज हुई थी। इस समय आरोपी के खिलाफ आरोप तय होना है।  

अभियोजन पक्ष के अनुसार गोदौलिया निवासी अरविंद कुमार तिवारी ने 30 जून 2018 को दशाश्वमेध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि मोबाइल पर फोन करने वाले ने खुद को गायत्री प्रजापति बताते हुए वर्ष 2014 के बालू खनन के टेंडर का कमीशन मांगने लगा। जवाब में टेंडर कैसिंल होने की बात कहीं गई तो तब गायत्री प्रजापति ने जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में पुलिस ने विवेचना की। गायत्री प्रसाद प्रजापति समेत कई को आरोपी बनाया गया था।   
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इस मामले में आरोपित पूर्व मंत्री की ओर से कोर्ट में डिस्चार्ज आवेदन दिया गया, कहा गया कि घटना के समय आरोपी लखनऊ जेल में निरुद्ध था। राजनैतिक वैमनस्यता के कारण आरोपी बनाया गया है। सिर्फ राजनीतिक दबाव के वजह  से उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। ऐसे में आरोप न बनाकर उसे डिस्चार्ज यानि आरोप मुक्त कर दिया जाए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम/एमपी-एमएलए कोर्ट उज्जवल उपाध्याय की अदालत इस पर सात अक्तूबर को सुनवाई करेगी। 
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