शंकराचार्य ने कहा कि धर्म युद्ध में गायों को प्रताड़ित करने वाली शक्तियों का विरोध करना प्रत्येक सनातनी का दायित्व है। उन्होंने लोगों को गौ रक्षा के लिए संगठित होने का आह्वान किया।
इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि जिस देश की मुद्रा गिरती है, उस देश के प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा भी गिरती है, लेकिन आज रुपये की गिरती स्थिति पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। पेट्रोल और तेल बचाने की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों का समर्थन होना चाहिए, लेकिन स्वार्थपूर्ण निर्णय स्वीकार नहीं किए जा सकते।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गोशाला पहुंचकर गायों को फल और गुड़ खिलाया। इस अवसर पर डॉ. राकेश उपाध्याय, आरसी पांडेय, राम सिंह बांकुरे, सुभाष त्रिपाठी, हरिशंकर उपाध्याय, राजबीर यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।