ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती।
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ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को कहा कि गौमाता की रक्षा के लिए यदि सत्ता ने आवाज नहीं सुनी तो विपक्ष से आग्रह किया जाएगा। सनातनियों को जागृत कर गौमाता के पक्ष में इतना जनसमर्थन जुटाया जाएगा कि राजनीतिक दल उन्हें राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए मजबूर हों। उन्होंने काशी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही।
शंकराचार्य छत्तीसगढ़ में चातुर्मास्य व्रत पूर्ण करने के बाद बुधवार शाम काशी पहुंचे। उनके आगमन पर संतों, भक्तों और काशीवासियों ने शहनाई, ढोल और नगाड़ों के साथ स्वागत किया। इस दौरान पुष्पवर्षा भी की गई। इसके बाद श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने गौमाता के प्राणों की रक्षा और उन्हें राष्ट्रमाता घोषित करने की अपनी मांग को दोहराया।