कला प्रकाश व रोटरी क्लब की ओर से रविवार को कजरी ठुमरी उत्सव का आयोजन कैंटोनमैंट स्थित एक होटल के सभागार में हुआ। कार्यक्रम में संगीत रसिकों ने पारंपरिक बनारसी कजरी ठुमरी का आनंद लिया। प्रारंभ रोटरी क्लब वाराणसी नॉर्थ की अध्यक्ष रुचि भार्गव ने स्वागत भाषण के साथ हुआ। रविवार को कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति वाद्य वृंद की रही। इसमें डॉ. राकेश कुमार ने बांसुरी, डॉ. आनंद मिश्र ने सितार व अंकित मिश्र ने सारंगी की प्रस्तुति दी। राग मेघ मल्हार से वाद्य वृंद से शुरुआत की।
तबले पर अशेष नारायण मिश्र व सिद्धार्थ चक्रवर्ती ने सहयोग किया। दूसरी प्रस्तुति में बनारस घराने के प्रतिष्ठित उप शास्त्रीय गायक व संवादिनी वादक पं. धर्मनाथ मिश्र ने बनारसी कजरी ठुमरी के रस से श्रोताओं को सराबोर किया। आरंभ राग देस की ठुमरी ठाड़ी गोरी चितवत बदरा की ओर... से किया। राग मिश्र पीलू में दादरा लागी बयरिया मैं सो गई ननदी सैयां दुआरे से फिर गए... की भाव प्रवण प्रस्तुति दी। तबले पर पं. नंदकिशोर मिश्र व सारंगी पर अनीश मिश्र ने संगत की। कलाकारों का स्वागत रुचि भार्गव, शुभश्री जायसवाल, सीए सतीश जैन, अनिल केशरी, अनिल नागर व अभिजित अग्रवाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन अशोक कपूर ने किया। संयोजन डॉ. आशीष जायसवाल व संचालन डॉ. अनुराधा रतूड़ी ने किया।