वाराणसी के मंडुवाडीह थाने की हिस्ट्रीशीटर सूची में बसपा सांसद अतुल राय का नाम दर्ज है। इंस्पेक्टर परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2011 में हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। इसके अलावा अतुल राय पर वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया सहित अन्य जिलों में दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि चुनाव में दिए गए शपथ पत्र में उन्होंने 13 मुकदमों का ही जिक्र किया था। इस पर भी मऊ में उन पर एक मुकदमा दर्ज किया गया था।
सोशल मीडिया पर पीड़िता सांसद के खिलाफ काफी मुखर रही। सांसद को मुख्तार अंसारी का करीबी बताते हुए उसने फेसबुक व ट्विटर पर खुद की जान को खतरा बताया था। हालांकि प्रयागराज के नैनी जेल में बंद घोसी सांसद अतुल राय मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर मुख्तार अंसारी से अपनी जान को खतरा बता चुके हैं।
पीड़िता और उसके गवाह की मौत के बाद अब पुलिस उन्हें प्रताड़ित करने वालों की पहचान में जुट गई है। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि शासन से गठित टीम पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। वाराणसी पुलिस भी इस बात की जांच कर रही है कि पीड़िता और उसके गवाह को प्रताड़ित तो नहीं किया गया। अगर ऐसा हुआ है तो इसमें कौन लोग शामिल थे। उनकी पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।