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अतुल राय प्रकरण: सीओ की गिरफ्तारी और एएसपी के निलंबन के बाद अगली कार्रवाई किस पर, महकमे में बेचैनी

Fri, 01 Oct 2021 06:13 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

घोसी सांसद अतुल राय और दुष्कर्म पीड़िता आत्मदाह की घटना के बाद पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और अब निलंबित सीओ अमरेश सिंह बघेल की गिरफ्तारी के बाद पुलिसकर्मयों की बचैनी बढ़ गई है। 
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निलंबित सीओ अमरेश सिंह बघेल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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घोसी सांसद अतुल राय और दुष्कर्म पीड़िता प्रकरण में पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई से महकमे में खलबली मची है। निलंबित सीओ अमरेश सिंह बघेल की गिरफ्तारी  के बाद अब पुलिसकर्मियों में इस बात की बेचैनी है कि अगली बारी किसकी है। उधर बनारस में एसपी सिटी और एडीसीपी काशी जोन रहे विकास चंद्र त्रिपाठी के निलंबन की कार्रवाई के बाद तो महकमे में बेचैनी बढ़ गई है।

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इससे पहले तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक की लापरवाही का उल्लेख एसआईटी कर चुकी है। प्रकरण में वाराणसी के दो अन्य पुलिसकर्मी भी निलंबित चल रहे हैं।  पूरे मामले में कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी कार्रवाई हो सकती है।

बता दें कि दुष्कर्म पीड़िता के फेसबुक वीडियो बयान के आधार एसआईटी ने अपनी जांच में कई पुलिसकर्मियों को दोषी पाया है। इसमें पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर अगस्त माह में ही लखनऊ से गिरफ्तार कर लिए गए थे। 
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कमिश्नरेट लागू होने के बाद भी किसी ने नहीं की निगरानी 
कमिश्नरेट बनने के बाद आईपीएस अधिकारियों की फौज शहर में उतर गई, बावजूद इस मामले में किसी अधिकारी ने तल्लीनता से संज्ञान नहीं लिया। क्या रिपोर्ट लग रही, किसकी जांच कौन कर रहा, दुष्कर्म पीड़िता और अतुल राय मामले की निगरानी में हद दर्जे की लापरवाही बरती गई। 

दुष्कर्म पीड़िता यह आरोप लगाती रही कि कमिश्नरेट बनने के बाद पुलिस उच्चाधिकारियों ने फोन नंबर तक ब्लॉक कर दिया था। पीड़िता के आत्मदाह करने से पहले तक कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारी उनको सुनने को भी तैयार नहीं थे।

अतुल राय प्रकरण में एएसपी विकास चंद्र की भूमिका संदिग्ध

वाराणसी में तैनात रहे तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विकास चंद्र त्रिपाठी को सरकार ने निलंबित कर दिया है।  विकास पर यह कार्रवाई तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) अमरेश बघेल द्वारा अतुल राय के पक्ष में तैयार की गई रिपोर्ट को बिना जांच के आगे बढ़ाए जाने के मामले में की गई है।  इस पूरे प्रकरण में विकास चंद्र त्रिपाठी की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।

दरअसल, सांसद अतुल राय के पिता भरत सिंह ने शिकायती पत्र एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी को सौंपा था, जिसे एसपी सिटी ने तत्कालीन सीओ भेलूपुर अमरेश सिंह बघेल को जांच के लिए आगे बढ़ाया था। जांच पूरी करने के बाद आठ अगस्त 2020 को अमरेश सिंह बघेल ने 11 पन्ने की रिपोर्ट की फाइल एसपी सिटी को सौंपी थी। इस मामले की फाइल विकास चंद्र त्रिपाठी ने अपने पास रखी, हालांकि बाद में दुष्कर्म पीड़िता ने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई तो अमरेश सिंह बघेल दिसंबर 2020 में निलंबित कर दिए गए।
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अतुल राय और दुष्कर्म पीड़िता मामले में कब-कब क्या हुआ

  • - एक मई 2019 को पीड़िता ने लंका थाने में अतुल राय के खिलाफ दर्ज कराया था दुष्कर्म का मुकदमा
  • - 22 जून 2019 को अतुल राय ने कोर्ट में किया था आत्मसमर्पण
  • - आठ अगस्त 2020 को सीओ भेलूपुर रहते हुए अमरेश सिंह बघेल ने दी थी सांसद को क्लीन चिट
  • - 30 दिसंबर 2020 को शासन ने सीओ अमरेश सिंह बघेल को किया था निलंबित
  • - 16 अगस्त 2021 को गवाह और दुष्कर्म पीड़िता ने नई दिल्ली में किया था आत्मदाह
  • - 16 अगस्त 2021 को प्रदेश सरकार ने पुलिस महानिदेशक और अपर पुलिस महानिदेशक स्तर के दो अधिकारियों को प्रकरण की जांच सौंपी
  • - 16 अगस्त को एसएसपी वाराणसी रहे अमित पाठक को गाजियाबाद पुलिस कप्तान के पद से हटाकर डीजीपी कार्यालय से संबंध किया गया 
  • - 17 अगस्त को तत्कालीन इंस्पेक्टर कैंट राकेश सिंह और गिरिजा शंकर यादव को निलंबित किया गया
  • - 21 अगस्त को गवाह साथी की नई दिल्ली स्थित राममनोहर लोहिया अस्पताल में उपचार के दौरान मौत
  • - 24 अगस्त को दुष्कर्म पीड़िता ने नई दिल्ली स्थित राममनोहर लोहिया अस्पताल में तोड़ दिया था दम 
  • - 28 अगस्त को एसआईटी पहुंची थी बनारस, एडीजी से लेकर इंस्पेक्टर तक के 11 लोगों का लिया था बयान
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