इस मामले में कैंट इंस्पेक्टर राकेश सिंह और विवेचक गिरजाशंकर यादव को घटना के बाद निलंबित कर दिया गया था। वहीं जिस जांच रिपोर्ट पर सीओ को निलंबित किया गया और मुकदमा दर्ज कराकर गिरफ्तारी हुई, उस रिपोर्ट को एक आईपीएस अफसर ने ही मातहतों को फारवर्ड किया था। इसकी जांच शासन स्तर से कराई गई है। इस आधार पर माना जा रहा है कि कार्रवाई उस आईपीएस पर भी संभव है।
अपराधियों को जेल भेजने वाले डीएसपी अमरेश सिंह बघेल खुद जेल में निरुद्ध हो गए। बृहस्पतिवार को जेल में दाखिल हुए अमरेश सिंह बघेल की रात करवटें बदलते ही बीती। रात के भोजन में सिर्फ डेढ़ रोटी ही खा सके। बैरक के बाहर देर रात तक टहलते रहे। जेल के बंदीरक्षकों के अनुसार देर रात तक जगने के बाद निलंबित सीओ की नींद भी शुक्रवार सुबह जल्दी खुल गई। नित्य क्रिया के बाद सीओ वापस बैरक में सोने चले गए।
बसपा सांसद अतुल राय व दुष्कर्म पीड़िता प्रकरण में पीड़िता और उसके गवाह साथी को आत्महत्या को उकसाने मामले में आरोपित निलंबित सीओ अमरेश सिंह बघेल के चेहरे पर पूरे दिन खामोशी छाई रही। बंदी रक्षकों ने कई बार बात करने का प्रयास किया लेकिन वह मौन रहे। सुबह चाय पीने के बाद दोपहर का भोजन भी हल्का किया और शाम तक बैरक में सोते रहे। वाराणसी क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार शाम अमरेश सिंह बघेल को बाराबंकी से हिरासत में लिया था।
निलंबित सीओ के जिला जेल में दाखिल होने के बाद सुबह से रात तक एक सफेद रंग की कार कई बार जेल के बाहर घूमती दिखाई दी। कुछ लोग दो बार अंदर भी गए और बाहर भी आए। जिला जेल के बाहर मौजूद लोगों के अनुसार बनारस नंबर की यह कार कई बार आई और गई।