लालगंज (मिर्जापुर)। थाना क्षेत्र के चितरवार गांव में बृहस्पतिवार रात छत्तीसगढ़ के रायपुर से आरोपी को पकड़ने पहुंची डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की रीजनल यूनिट के डिप्टी डायरेक्टर की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इसमें तीन सदस्य घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने टीम को वहां से निकाला। इस संबंध में लालगंज थाने में पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामले में अज्ञात पर भी केस हुआ है।
रायपुर में पिछले दिनों 1025 क्विंटल भांग पकड़ी गई थी। इसके तार लालगंज थाना क्षेत्र के चितरवार गांव से जुड़े मिले। वाराणसी के रोहनिया का छेदी लाल पाल उर्फ बनारसी चितरवार गांव में मछली का कारोबार करता है। वह मादक पदार्थ बेचने का आरोपी है। इसी सिलसिले में डीआरआई टीम यहां पहुंची थी। टीम ने बनारसी नाम के एक व्यक्ति को पकड़ा तो उसने अपने आपको निर्दोष बताया। इसी बीच, वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और टीम के साथ लोग दुर्व्यवहार करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डीआरआई टीम पर लोगों ने हमला कर दिया। इसमें टीम के तीन सदस्य चोटिल हो गए। इसके बाद सूचना पर पुलिस पहुंच गई। इसके बाद टीम के सदस्यों ने पांच नामजद तथा छह अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। इसमें बनारसी, सत्य प्रकाश शुक्ला, मुकेश, हीरालाल, नागेंद्र निवासी चितरवार को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। कोतवाल हरिश्चंद्र सरोज ने बताया की रायपुर से आरोपी की तलाश में आई डीआरआई टीम पर ग्रामीणों ने हमला किया था। इसमें नामजद पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सभी को जेल भेज दिया गया।
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