इसके बाद अतीक ने पत्र जारी कर चुनाव मैदान से हटने की घोषणा की थी। मगर, तब तक देर हो चुकी थी। अतीक का नामांकन पत्र वापस नहीं हो पाया था। चुनावी मैदान से हटने के एलान के बाद भी उसे मत मिले थे।
अतीक और अशरफ की हत्या।
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दिल्ली से दूसरों के नाम-पते पर अतीक और अशरफ के गिरोह के लोग होजरी, इलेक्ट्रॉनिक व कॉस्मेटिक उत्पादों के साथ ही पान मसाला मंगवाते हैं। इसके बाद वह सामान बनारस और प्रयागराज के बाजार में खपाया जाता है।