आजमगढ़। धान की खरीद बुधवार से शुरू हो गई। कई क्रय केंद्र पर खरीद की व्यवस्था पूरी थी, लेकिन कुछ केंद्रों पर खरीद के पहले ही दिन अव्यवस्था देखने को मिला। कहीं बोरा नहीं पहुंच पाया है तो कहीं पर क्रय केंद्र बंद था। जिसके कारण किसान धान बेचने के लिए नंबर नहीं लगा पाए। केंद्र बंद होने से उन्हें वापस लौटना पड़ा।
जिले में धान खरीद की तैयारी एक माह पूर्व से ही चल रही है। जनपद में धान खरीद के लिए कुल 73 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें खाद्य विभाग के 20, भारतीय खाद्य निगम के दो और पीसीएफ के 51 क्रय केंद्र शामिल हैं। इन क्रय केंद्रों के माध्यम से खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में किसानों से समर्थन मूल्य 2183 प्रति क्विंटल की दर से 73 हजार एमटी धान खरीदने के लक्ष्य है। बुधवार से धान की खरीद शुरू हो गई। खाद्य विभाग का सभी क्रय केंद्रों पर बोरा, इलेक्ट्रानिक कांटा, झरना, नमी मापक यंत्र, किसानों के लिए पानी, सुज्जा, धागा आदि व्यवस्था होने की बात कर रहा था। लेकिन जब केंद्रों का पड़ताल किया गया तो कहीं पर क्रय केंद्र बंद था तो कहीं पर बोरा ही अभी तक पहुंच नहीं पाया था। कुछ केंद्रों पर किसान पहुंच कर धान बेचने के लिए अपना नंबर जरूर लगाते नजर आए।
सरायमीर: क्रय केंद्र सरायमीर में धान की खरीद शुरू नहीं हो सकी। कारण कि अभी धान की फसल तैयार नहीं हुई है। मार्केटिंग इंस्पेक्टर रविकांत ने बताया कि खरीद की तैयारी पूरी है। धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए।
पवई: विपणन निरीक्षक शिव राजपूत ने बताया कि खरीद की तैयारी पूरी है। इलेक्ट्रिक कांटा लगा हुआ है।500 बोरे आएं हैं और बोरों की डिमांड की गई है। लगभग 100 किसानों के नंबर लग चुके हैं। अभी तक किसी किसान का धान क्रय केंद्र पर नहीं आया है।
लाटघाट: विपणन केंद्र हरैया प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि किसानों का अभी रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। 205 किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं और 1500 बोरे आए हैं।
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धान क्रय केंद्रों पर लटके मिले ताले
अहरौला। ब्लाक में साधन सहकारी समिति हांसा मतलूबपुर ओेर पारामिश्रौली को धान क्रय केंद्र बनाया गया है। बुधवार को पड़ताल में दोनों क्रय केंद्र बंद पाए गए। हांसा मतलूबपुर क्रय केंद्र पर खरीद का बैनर लगाया गया था। सचिव अरुण यादव से बात करने पर उन्होंने बताया कि वह सुबह में केंद्र पर मौजूद थे। किसी काम बस कहीं चले गए हैं। अभी तक एक भी किसान का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। वहीं, पारामिश्रौली क्रय केंद्र भी बंद था। खरीद का बैनर भी नहीं लगाया गया था। किसान निराश होकर लौट रहे थे। संवाद
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क्रय केंद्र पर नहीं पहुंच पाया बोरा
तरवां। धान क्रय केंद्र टोडरपुर के सचिव परमेश्वर मौर्य केंद्र पर बैठे हुए थे। केंद्र पर खरीद की सभी व्यवस्था थी, लेकिन अभी तक बोरे नहीं उपलब्ध हो पाएं हैं। प्रभारी ने बताया कि धान की कटाई चल रही है। जिसके कारण अभी किसान धान लेकर केंद्रों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। 15 दिन के बाद ही धान की खरीदारी शुरू होगी। जमीरपुर धान क्रय केंद्र पर भी बोरा उपलब्ध नहीं था।संवाद
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सभी क्रय केंद्र खुले थे और सभी जगहों पर खरीद की पूरी व्यवस्था पूरी है। पीसीएफ के कुछ केंद्रों पर बोरे नहीं थे लेकिन वहां पर बोरों का आवंटन हो चुका है। कल तक बोरे पहुंच जाएंगे। रही बात खरीद की तो अभी किसान धान की कटाई और मड़ाई में लगे हैं। एक सप्ताह बाद ही केंद्रों पर धान लेकर पहुंचेंगे।
- अंशुमाली शंकर, जिला खाद्य विपणन अधिकारी