बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करने वाले बेटे-बेटियां कानून के दायरे में आ सकते हैं। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत जरूरतमंद माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण के लिए आवेदन कर सकते हैं। संपत्ति हस्तांतरित करने के बाद देखभाल नहीं किए जाने के मामलों में भी यह कानून सुरक्षा देता है। इसके अलावा 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हर बुजुर्ग को, आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना, आयुष्मान वय वंदना कार्ड से पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है।
अकेले हैं तो 14567 पर मदद
एल्डरलाइन-14567 बुजुर्गों के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन है। यहां सरकारी योजनाओं की जानकारी, मार्गदर्शन, भावनात्मक सहायता और दुर्व्यवहार की स्थिति में मदद मांगी जा सकती है। जरूरत पड़ने पर फील्ड स्तर पर हस्तक्षेप और बचाव की सुविधा भी उपलब्ध है। यूपी समाज कल्याण विभाग के कल्याण साथी पोर्टल पर 14567 के साथ विभाग का 14568 हेल्पलाइन नंबर भी दिया गया है।
बैंक जाने की जरूरत कम, 70 प्लस को कुछ सेवाएं घर पर
आरबीआई के निर्देशों के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के ग्राहकों के लिए कुछ बुनियादी बैंकिंग सेवाएं घर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग या प्राथमिकता वाला काउंटर, जीवन प्रमाणपत्र जमा करने में सुविधा और कुछ सेवाओं के लिए डोरस्टेप बैंकिंग की व्यवस्था है। उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी संबंधित बैंक शाखा से ली जा सकती है।
बचत के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम
60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग डाकघर की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में खाता खोल सकते हैं। कुछ सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को निर्धारित शर्तों के साथ 55 से 60 वर्ष की उम्र में भी इसमें निवेश की पात्रता है।
आयकर में भी अलग प्रावधान
आयकर विभाग के अनुसार 60 वर्ष या उससे अधिक और 80 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक तथा 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति अति वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी में आते हैं। पुरानी कर व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग कर स्लैब हैं। स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर धारा 80D के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50 हजार रुपये तक की कटौती और कुछ विशेष बीमारियों के उपचार पर धारा 80DDB के तहत एक लाख रुपये तक की कटौती का प्रावधान है।
60 की उम्र में पेंशन, फैमिली आईडी से स्वत: चिह्नित होंगे पात्र बुजुर्ग
वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र बुजुर्गों को 1000 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। बीपीएल बुजुर्गों को ‘एक परिवार, एक पहचान’ फैमिली आईडी के माध्यम से वृद्धावस्था पेंशन के लिए स्वत: चिह्नित करने और सहमति मिलने पर पेंशन स्वीकृत करने की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है।
उम्र का असर, सहायक उपकरण भी मिलेंगे
चलने, सुनने या उम्र संबंधी अन्य शारीरिक अक्षमता से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों के लिए राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण दिए जाते हैं।