सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की संयुक्त बैठक
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर काफी ऊहापोह के बाद कांग्रेस और सपा को नेतृत्व स्तर पर गठबंधन तो हो गया, अब निचले स्तर पर सामंजस्य बनाने की कवायद चल रही है। दल तो मिल गए अब दिल मिलाने की कवायद शुरू हो गई है।
पहले गठबंधन और बाद में सीटों पर पेंच फंसने के बाद अब मामला ठीक हो गया है। कांग्रेस और सपा में नेतृत्व ने गठबंधन तो कर लिया लेकिन उसे निचले स्तर पर मजबूत करने को लेकर मशक्कत करनी होगी।
प्रदेश भर में इसको लेकर प्रयास तेज किए जा रहे हैं। सोनभद्र में मंगलवार रात इसको लेकर कांग्रेस और सपा कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। लेकिन जिस तरह कांग्रेसियों में एक दूसरे को रोककर खुद बोलने की होड़ रही उससे सपा नेता हतप्रभ रहे।
यूपी में विधानसभा चुनाव को लेकर गुणा-गणित तेज हो गया है। दोनों दलों के नेताओं की बैठक एक विधायक के आवास पर हुई। इसमें विधानसभा चुनाव कैसे मिलकर लड़ा जाए, इस मुद्दे पर चर्चा हुई।
परिचय के लिए हुई इस बैठक में सपा और कांग्रेस नेताओं ने अपनी-अपनी बात रखी। दोनों पक्षों के लोगों ने बगैर किसी को उपेक्षित किये चुनाव जीतने की बात कही। लेकिन सपाई उस समय हतप्रभ रह गए जब कांग्रेस के नेतागण एक दूसरे को रोककर बीच में ही अपनी-अपनी बात रखने लगे।
एक नेता ने तो यहां तक कह दिया कि कांग्रेस में सभी कैप्टन और कप्तान हैं। इतना ही नहीं संचालन कर रहे कांग्रेसी की भी खिंचाई इस बात को लेकर की गई कि वे अपनी ही पार्टी के नेताओं का नाम भूल बैठे और उन्होंने बोलने के लिए उनके टाईटल से बुलाने लगे। घंटों चली बैठक में फिर एक साथ बैठने का निर्णय हुआ।